वाशिंगटन, अमेरिका
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडलों के बढ़ते प्रभाव और उनके अनियंत्रित व्यवहार को लेकर अमेरिका में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार देर रात एआई और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में एआई मॉडलों को नियंत्रित करने के तरीकों और उनसे जुड़े संभावित जोखिमों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बैठक में मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग और ओपनएआई के प्रमुख ग्रेग ब्रोकमैन भी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।
अमेरिकी संसद के स्पीकर माइक जानसन और पलांतिर के एलेक्स कार्प को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। ट्रंप के टेक सलाहकार माइकल क्राट्सियोस के भी इसमें मौजूद रहने की संभावना है।
एआई एजेंटों के व्यवहार को लेकर बढ़ी चिंता
ट्रंप प्रशासन का यह कदम ऐसे समय आया है जब एआई एजेंटों के अपने स्तर पर ऐसे काम करने और बिना स्पष्ट निर्देश के विभिन्न संगठनों के सिस्टम में घुसपैठ करने की शिकायतें सामने आई हैं। ओपनएआई और एंथ्रोपिक की ओर से विकसित एआई एजेंटों को लेकर भी इस तरह की चिंताएं चर्चा में रही हैं।
एआई तकनीक के तेजी से विकास के साथ इसके संभावित दुरुपयोग को लेकर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच बहस तेज हुई है। कुछ एआई डेवलपरों ने आशंका जताई है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है। यहां तक कि कुछ विशेषज्ञों ने भविष्य में एआई के जरिए इंसानों को नुकसान पहुंचने की संभावना को लेकर भी चिंता जाहिर की है।
इन आशंकाओं के बीच रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों ने एआई से जुड़े जोखिमों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई है।
एआई विकास की रफ्तार धीमी करने के पक्ष में लोग
एआई को लेकर अमेरिकी जनता की चिंताओं का संकेत हाल में हुए एक सर्वे से भी मिला है। रायटर/इप्सोस के 17 से 20 सितंबर के बीच कराए गए देशव्यापी सर्वे में 73 प्रतिशत लोगों ने कहा कि एआई के संभावित खतरों से निपटने के लिए कंपनियां पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही हैं।
सर्वे में 55 प्रतिशत लोगों ने यह भी माना कि एआई के विकास की गति को धीमा किया जाना चाहिए। इससे पता चलता है कि तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ उसके नियमन और सुरक्षा को लेकर आम लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।
ट्रंप अब तक एआई से जुड़े कई खतरों की आशंकाओं को खारिज करते रहे हैं। ऐसे में टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ होने वाली यह बैठक इस बात के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि अमेरिकी प्रशासन एआई के विकास, सुरक्षा और संभावित जोखिमों के बीच किस तरह संतुलन बनाने की कोशिश करता है।











