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Paytm की सब्सिडियरी First Games को GST विभाग से राहत, ₹5,712 करोड़ की मांग घटकर ₹703.66 करोड़ हुई

नई दिल्ली, दिल्ली

नई दिल्ली। पेटीएम की पैरेंट कंपनी One 97 Communications की सहायक कंपनी फर्स्ट गेम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को जीएसटी विवाद में बड़ी राहत मिली है। कंपनी के खिलाफ पहले प्रस्तावित 5,712 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी को घटाकर 703.66 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि, कंपनी को इस रकम के अलावा टैक्स के बराबर जुर्माना और लागू ब्याज भी देना पड़ सकता है।

अप्रैल 2018 से मार्च 2023 तक का मामला

यह मामला अप्रैल 2018 से मार्च 2023 की अवधि से संबंधित है। फर्स्ट गेम्स टेक्नोलॉजी को 28 अप्रैल को जीएसटी विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें 5,712 करोड़ रुपये की प्रस्तावित टैक्स देनदारी का उल्लेख था। ब्याज और जुर्माने की राशि अलग से लागू होनी थी।

अब उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित केंद्रीय जीएसटी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त ने अंतिम मांग आदेश जारी किया है। इसमें टैक्स की देनदारी घटाकर 703.66 करोड़ रुपये कर दी गई है। शुरुआती प्रस्तावित मांग की तुलना में यह बड़ी कटौती है। हालांकि, जुर्माना और ब्याज जुड़ने के बाद कंपनी की कुल देनदारी कितनी होगी, यह महत्वपूर्ण रहेगा।

पैरेंट कंपनी पर कितना पड़ेगा असर?

One 97 Communications ने कहा है कि इस आदेश का उसके समेकित वित्तीय नतीजों पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक उसके वित्तीय विवरणों में फर्स्ट गेम्स टेक्नोलॉजी में निवेश की दर्ज बुक वैल्यू शून्य थी।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि लेखांकन नियमों के तहत फर्स्ट गेम्स को संयुक्त उद्यम माना जाता है। इसी वजह से इस इकाई का पूरा राजस्व पेटीएम के समेकित वित्तीय विवरणों में शामिल नहीं किया जाता। वित्त वर्ष -26 में इस संयुक्त उद्यम से होने वाले लाभ या नुकसान में कंपनी का हिस्सा भी उसके समेकित लाभ-हानि खाते में शून्य था।

शेयर बाजार में क्या हो सकता है असर?

को पेटीएम के शेयर 1.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,715 रुपये पर बंद हुए थे। जीएसटी मांग में कमी से जुड़ी खबर के बाद निवेशकों का ध्यान शेयर पर रह सकता है।

हालांकि, कंपनी के बयान के अनुसार समेकित वित्तीय नतीजों पर अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ने की बात कही गई है। ऐसे में शेयर की दिशा तय करने में अन्य वित्तीय संकेतक, बाजार का रुख और निवेशकों की प्रतिक्रिया भी अहम होंगे। केवल इस खबर के आधार पर शेयर में तेजी या गिरावट का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

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