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जनगणना 2027 में बड़ा बदलाव, 50 दिनों तक चलेगा जनसंख्या गणना का चरण; जाति समेत पूछे जाएंगे 40 सवाल

नई दिल्ली, दिल्ली। भारत में जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच जनसंख्या गणना के दूसरे चरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस बार यह प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक लंबी होगी। जनसंख्या गणना का चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलने की जानकारी दी गई है। इसमें 15 दिनों की स्व-गणना अवधि भी शामिल होगी। इस दौरान लोगों से परिवार, व्यक्तिगत जानकारी और जाति सहित कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे।

पिछली जनगणना के दौरान दूसरे चरण की अवधि सामान्यतः 20 दिनों की होती थी। वर्ष 2011 में लोगों से 29 सवाल पूछे गए थे, जबकि 2027 की जनगणना में इनकी संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई है। सवालों की संख्या बढ़ने और नई जानकारियां जुटाने की जरूरत को इस बार की विस्तृत प्रक्रिया का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

10 से 24 जनवरी तक स्व-गणना का विकल्प

जनगणना 2027 में लोगों को स्व-गणना की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक की अवधि निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के तहत लोग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जनगणना के दूसरे चरण में जाति से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। इसके अतिरिक्त जीवनसाथी का नाम, माता-पिता का विवरण, व्यक्ति द्वारा बताई गई राष्ट्रीयता और स्थायी पते जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इसके साथ ही कोविड-19 टीकाकरण की जगह से संबंधित जानकारी भी शामिल होगी।

मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी जानकारी भी मांगी जाएगी

नई जनगणना में मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मतदाता पहचान पत्र संख्या, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी शामिल की गई है। मोबाइल नंबर, आधार और मतदाता पहचान पत्र की जानकारी उपलब्ध होने पर दी जा सकती है। वहीं, पासपोर्ट नंबर केवल भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों से मांगा जाएगा। बैंक खातों की कुल संख्या से संबंधित जानकारी भी जुटाने की योजना है।

जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित की गई है। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण दौर चलाने की जानकारी दी गई है।

कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब जैसे राज्यों में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनगणना की समय-सारणी अलग रखी गई है। इन राज्यों में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की प्रक्रिया 35 दिनों तक चलने की जानकारी दी गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले क्षेत्रों तथा लद्दाख में अलग समय-सारणी के तहत प्रक्रिया पूरी की गई है।

मणिपुर में जनगणना की तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। वहां विभिन्न वर्गों की ओर से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाए जाने के बाद जनगणना की प्रक्रिया रोक दी गई थी। राज्य में आगे की कार्रवाई को लेकर नई घोषणा का इंतजार है।

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