वाशिंगटन, अमेरिका। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी को उन राज्यों में भी चुनौती मिलने लगी है, जिन्हें लंबे समय से उसका मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता रहा है। कंसास और टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की बढ़त के दावों और दक्षिण कैरोलिना में कड़े मुकाबले ने चुनावी तस्वीर को दिलचस्प बना दिया है। इन नतीजों का असर सीनेट में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए आगे की राजनीतिक राह मुश्किल हो सकती है।
चुनावी रैलियों को लेकर उठे सवाल
कंसास और आयोवा में ट्रंप की चुनावी रैलियों को लेकर विवाद तब बढ़ा, जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या कार्यक्रम रद्द होने के पीछे उनकी सेहत या थकान की वजह है। सवाल पर ट्रंप नाराज हो गए और उन्होंने पत्रकार को जवाब देते हुए तीखी टिप्पणी की।
ट्रंप ने कहा कि रैलियां रद्द करने का कारण उनकी फिटनेस नहीं है। उन्होंने इस दावे को भी नकार दिया कि विरोध या कम भीड़ की वजह से कार्यक्रमों में बदलाव किया गया। राष्ट्रपति के मुताबिक, इन राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए दूसरी जगहों पर प्रचार पर ध्यान दिया जा रहा है। बाद में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सप्ताहांत में कंसास और आयोवा में रैलियां आयोजित की जाएंगी।
रिपब्लिकन गढ़ों में डेमोक्रेट्स की चुनौती
कंसास में एक सर्वेक्षण के मुताबिक, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन को मौजूदा रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल पर 49 प्रतिशत के मुकाबले 45 प्रतिशत समर्थन मिलता दिखाया गया है। कंसास में लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव रहा है, इसलिए यहां का मुकाबला खास महत्व रखता है।
टेक्सास में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको, रिपब्लिकन केन पैक्सटन से आगे बताए जा रहे हैं। राज्य में 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने आसानी से जीत दर्ज की थी। टेक्सास में आखिरी बार 1988 में डेमोक्रेटिक सीनेटर चुना गया था।
दक्षिण कैरोलिना में सीनेट सीट के लिए मुकाबला कड़ा बताया गया है। खबर के अनुसार, रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम अपने दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम की जगह सीनेट में पहुंचने की उम्मीद कर रही हैं।
सीनेट में बहुमत का गणित अहम
रिपब्लिकन पार्टी के लिए चिंता केवल इन तीन राज्यों तक सीमित नहीं है। लुइसियाना और मिसिसिपी जैसे राज्यों में भी चुनावी संकेत महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि डेमोक्रेट पर्याप्त सीटें जीत लेते हैं, तो सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का मौजूदा 53-47 का बहुमत खत्म हो सकता है।
यदि डेमोक्रेट प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो ट्रंप की नीतियों और विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना कठिन हो सकता है। कांग्रेस में विरोध बढ़ने और कानूनों को रोकने की संभावना के बीच मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा साबित हो सकते हैं।











