Home » विदेश » यूक्रेन के खेरसान में साढ़े चार साल बाद युद्धविराम समाप्त, फिर छिड़ सकता है संघर्ष; ओलेशकी में फंसे नागरिकों को निकाला गया

यूक्रेन के खेरसान में साढ़े चार साल बाद युद्धविराम समाप्त, फिर छिड़ सकता है संघर्ष; ओलेशकी में फंसे नागरिकों को निकाला गया

यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी खेरसान क्षेत्र में रूस और यूक्रेन के बीच लागू सीमित युद्धविराम रविवार शाम समाप्त हो गया। करीब साढ़े चार साल बाद संघर्ष विराम खत्म होने से इलाके में एक बार फिर सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय नागरिक संभावित हमलों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए आगे की स्थिति के लिए तैयारी कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने इस सीमित युद्धविराम को कराने में मदद की थी। यह युद्धविराम तड़के शुरू हुआ था और रविवार शाम को समाप्त हो गया। इस दौरान अग्रिम मोर्चे पर स्थित ओलेशकी शहर में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया गया।

ओलेशकी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान

युद्धविराम के दौरान ओलेशकी शहर में घिरे निवासियों को बाहर निकालने का अवसर मिला। यह इलाका अग्रिम मोर्चे पर स्थित होने के कारण लंबे समय से संघर्ष के प्रभाव में रहा है। सीमित युद्धविराम के दौरान चलाए गए संयुक्त अभियान के जरिए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

इस अभियान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि युद्ध प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। युद्धविराम के दौरान नागरिकों को कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन इसके समाप्त होते ही फिर से संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

रूसी रक्षा संयंत्र पर हमले की जेलेंस्की ने की पुष्टि

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक रूसी रक्षा संयंत्र पर हमले की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब खेरसान में युद्धविराम समाप्त हो चुका है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

खेरसान क्षेत्र रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का संवेदनशील हिस्सा रहा है। ऐसे में यहां संघर्ष विराम खत्म होने के बाद सैन्य गतिविधियों के दोबारा तेज होने की आशंका बनी हुई है।

नागरिकों को सता रही सुरक्षा की चिंता

रविवार शाम युद्धविराम समाप्त होने के बाद स्थानीय नागरिक आगे के हालात को लेकर सतर्क हैं। उन्हें डर है कि इलाके में फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है। युद्ध प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए आवास, सुरक्षा और सुरक्षित स्थानों तक पहुंच सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

साढ़े चार साल तक चले इस संघर्ष विराम के समाप्त होने के बाद अब क्षेत्र में शांति बनाए रखना मुश्किल चुनौती बन सकता है। फिलहाल दोनों देशों की आगे की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। आने वाले समय में उनके फैसले खेरसान क्षेत्र की सुरक्षा और वहां रहने वाले नागरिकों की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

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