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असम में फिर बनेगी सरमा सरकार: 12 मई को लेंगे शपथ, बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगा समारोह

असम की राजनीति में एक बार फिर हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया है, जिसके बाद 12 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इस फैसले के साथ ही राज्य में लगातार तीसरी बार एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।


विधायक दल ने सर्वसम्मति से चुना नेता

सरमा को भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुना गया। इस अहम बैठक में जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। नेता चुने जाने के बाद सरमा ने सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

उन्होंने 102 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा, जो 126 सदस्यीय विधानसभा में मजबूत बहुमत को दर्शाता है।


पीएम मोदी समेत कई दिग्गज रहेंगे मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इससे समारोह का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।


तीसरी बार सत्ता में एनडीए

असम में एनडीए का यह लगातार तीसरा कार्यकाल होगा। साल 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई थी। इसके बाद 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार बनी और अब एक बार फिर उन्हें जनादेश मिला है।

इस बार गठबंधन ने दो-तिहाई बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा को 82 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 10-10 सीटों पर जीत हासिल की।


सरमा का भरोसा: विकास की रफ्तार होगी तेज

गठबंधन का नेता चुने जाने के बाद सरमा ने कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। उन्होंने जनता के भरोसे के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह जनादेश राज्य के विकास और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों में विश्वास को दर्शाता है।


नया कार्यकाल, नई चुनौतियां

लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे सरमा के सामने अब विकास की गति को बनाए रखने और नई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती होगी। जनता की उम्मीदें भी इस बार पहले से कहीं ज्यादा हैं।


निष्कर्ष

असम में राजनीतिक स्थिरता के साथ एक बार फिर सरमा सरकार की वापसी तय हो गई है। अब सबकी नजरें 12 मई के शपथ ग्रहण समारोह और उसके बाद सरकार की प्राथमिकताओं पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य की दिशा तय करेंगी।

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