गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर एक बार फिर ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। सोमनाथ अमृत पर्व के अवसर पर 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां विशेष महापूजा करेंगे। इस आयोजन को और खास बनाता है वह धार्मिक अनुष्ठान, जो मंदिर के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है—कुंभ अभिषेक।
पहली बार होगा कुंभ अभिषेक का आयोजन
सोमनाथ मंदिर, जिसे बारह ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है, अपनी प्राचीन परंपराओं और आस्था के लिए प्रसिद्ध है। इस बार अमृत पर्व के दौरान मंदिर में पहली बार कुंभ अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। यह परंपरा आमतौर पर दक्षिण भारत के मंदिरों में देखने को मिलती है, लेकिन सोमनाथ में इसका आयोजन एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
धार्मिक विधि के तहत 11 पवित्र तीर्थों के जल से अभिषेक किया जाएगा, जो इस अनुष्ठान को और भी दिव्य बनाएगा।
शिखर पर स्थापित होगा नया कलश
इस आयोजन का एक और प्रमुख आकर्षण मंदिर के पुनर्निर्मित शिखर पर नए कलश की स्थापना है। लगभग 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से इस कलश को मंदिर के शिखर तक पहुंचाया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह प्रक्रिया पूरी होगी, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक क्षण होगा।
पीएम मोदी का दौरा और तैयारियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सोमनाथ के साथ-साथ जामनगर और वडोदरा में भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी का रोड शो भी प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
आकाश में दिखेगा ‘सूर्य किरण’ का करतब
अमृत पर्व के मौके पर भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबैटिक टीम भी अपने हवाई करतबों से आसमान को रंगीन बनाएगी। यह एयर शो इस धार्मिक आयोजन में आधुनिकता और रोमांच का अनोखा संगम पेश करेगा।
आस्था और परंपरा का संगम
सोमनाथ अमृत पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत उत्सव है। इस बार का आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक बनने जा रहा है—चाहे वह कुंभ अभिषेक की पहली परंपरा हो या प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होने वाला भव्य महापूजा कार्यक्रम।
यह दिन न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि देशभर के लोगों के लिए भी एक विशेष महत्व रखता है।











