मुंबई, महाराष्ट्र

साल 2023 में रिलीज हुई प्रभास और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा फिल्म के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर के एक बयान को लेकर हो रही है। फिल्म की रिलीज के करीब तीन साल बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि ‘आदिपुरुष’ उनके करियर की सबसे बड़ी गलती थी। इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म को लेकर हुए विवाद और करोड़ों दर्शकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने पर देशवासियों से खुले तौर पर माफी भी मांगी है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर फिल्म जगत तक एक बार फिर ‘आदिपुरुष’ को लेकर बहस शुरू हो गई है।
हाल ही में एक मीडिया बातचीत के दौरान मनोज मुंतशिर ने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद शुरुआती दिनों में उन्होंने आलोचनाओं को उतनी गंभीरता से नहीं लिया था, जितना लेना चाहिए था। उस समय उन्हें लगा था कि यह सामान्य प्रतिक्रिया है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, उन्हें एहसास हुआ कि लोगों की नाराजगी वास्तविक थी और उनकी भावनाएं सचमुच आहत हुई थीं। उन्होंने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें महसूस होता है कि फिल्म से जुड़ी कई चीजें बेहतर तरीके से की जा सकती थीं।
मनोज मुंतशिर ने बातचीत के दौरान कहा, “आदिपुरुष मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी और उसका बचाव करना उससे भी बड़ी गलती थी। जो कुछ भी हुआ, उसके लिए मुझे शर्मिंदगी है और मैं पूरे देश से माफी मांगता हूं।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस समय फिल्म का बचाव करना सही निर्णय नहीं था। उनके अनुसार, यदि उस समय वे दर्शकों की भावनाओं को समझते और अपनी गलती स्वीकार कर लेते, तो शायद विवाद इतना लंबा नहीं चलता।
उन्होंने फिल्म के संवादों को लेकर भी खुलकर आत्ममंथन किया। मनोज मुंतशिर ने कहा कि आज जब वह उन संवादों को देखते हैं, तो उन्हें खुद पर हैरानी होती है कि उन्होंने उस समय ऐसे संवाद कैसे लिख दिए। उन्होंने माना कि कुछ संवाद ऐसे थे, जिन्हें दर्शकों ने रामायण जैसे पवित्र महाकाव्य की गरिमा के अनुरूप नहीं माना। यही वजह थी कि फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर कई संवाद तेजी से वायरल हुए और उनकी व्यापक आलोचना हुई। धार्मिक संगठनों, संत समाज और बड़ी संख्या में दर्शकों ने इन संवादों पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
निर्देशक ओम राउत के निर्देशन में बनी ‘आदिपुरुष’ हिंदू महाकाव्य रामायण से प्रेरित फिल्म थी। फिल्म में प्रभास ने भगवान श्रीराम, कृति सेनन ने माता सीता और सैफ अली खान ने रावण की भूमिका निभाई थी। बड़े बजट, भव्य निर्माण और लोकप्रिय स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म रिलीज के बाद लगातार विवादों में घिर गई। दर्शकों ने इसके दृश्य प्रभाव (VFX), कई पात्रों के प्रस्तुतीकरण, संवादों और कुछ रचनात्मक निर्णयों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। सोशल मीडिया पर फिल्म की व्यापक आलोचना हुई और कई जगह विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले।
विवाद बढ़ने के बाद फिल्म निर्माताओं ने कुछ संवादों में बदलाव करने का फैसला किया था। खासतौर पर भगवान हनुमान से जुड़े एक चर्चित संवाद को हटाकर नया संवाद शामिल किया गया। हालांकि इन बदलावों के बावजूद दर्शकों की नाराजगी पूरी तरह कम नहीं हुई और फिल्म की छवि पर पड़े नकारात्मक प्रभाव को दूर नहीं किया जा सका। इसका असर बॉक्स ऑफिस पर भी देखने को मिला, जहां फिल्म अपने भारी-भरकम बजट के अनुरूप प्रदर्शन करने में सफल नहीं रही।
इससे पहले फिल्म में माता सीता की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री कृति सेनन भी यह स्वीकार कर चुकी हैं कि फिल्म को लेकर हुई तीखी आलोचना से उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी दुख पहुंचा था। उन्होंने कहा था कि फिल्म को लेकर जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन अनुभव था। वहीं फिल्म से जुड़े अन्य कलाकारों और निर्माताओं को भी लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
मनोज मुंतशिर के इस ताजा बयान को कई लोग उनकी आत्मस्वीकृति और जिम्मेदारी स्वीकार करने के रूप में देख रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने उनके माफी मांगने के फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ का मानना है कि यह कदम काफी देर से उठाया गया है। कुल मिलाकर, रिलीज के तीन साल बाद भी ‘आदिपुरुष’ से जुड़ा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और मनोज मुंतशिर के इस बयान ने एक बार फिर फिल्म को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।











