नई दिल्ली, भारत
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Non-PLB) को मंजूरी दे दी है। इसे एडहॉक बोनस भी कहा जाता है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से 15 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये तय की गई है।
इस फैसले से उन केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। खास तौर पर पात्र ग्रुप सी और ग्रुप बी के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है। हालांकि, बोनस पाने के लिए संबंधित विभाग की निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
6,908 रुपये की गणना कैसे हुई?
एडहॉक बोनस की गणना के लिए सरकार ने अधिकतम मासिक वेतन 7,000 रुपये निर्धारित किया है। 30 दिनों के बोनस की गणना 30.4 दिनों के औसत महीने के आधार पर करने पर राशि लगभग 6,908 रुपये आती है।
इसका अर्थ यह है कि निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर पात्र कर्मचारियों को करीब 6,908 रुपये का बोनस मिल सकता है। यह राशि प्रत्येक कर्मचारी के लिए बिना शर्त तय नहीं मानी जानी चाहिए, क्योंकि भुगतान सरकारी आदेश में निर्धारित पात्रता और गणना संबंधी नियमों के अधीन होगा।
कौन-कौन कर्मचारी पात्र हो सकते हैं?
सरकार की मंजूरी के तहत उन केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है, जो प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना में शामिल नहीं हैं। पात्र ग्रुप सी और ग्रुप बी के गैर-राजपत्रित कर्मचारी इस व्यवस्था के अंतर्गत आ सकते हैं।
कर्मचारियों को यह जांचना चाहिए कि उनका पद, विभाग और सेवा संबंधी स्थिति बोनस के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करती है या नहीं। भुगतान से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग के कार्यालय आदेश से प्राप्त की जा सकती है।
दिवाली से पहले अतिरिक्त आर्थिक सहायता
त्योहारों के दौरान परिवारों के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में बोनस कर्मचारियों को घरेलू जरूरतों और त्योहार की तैयारियों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध करा सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एडहॉक बोनस की मंजूरी इसी लिहाज से पात्र कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, बोनस मंजूर होने और कर्मचारियों के बैंक खातों में राशि पहुंचने की तारीख अलग-अलग हो सकती है। इसलिए भुगतान की निश्चित तारीख के बारे में संबंधित विभाग से पुष्टि करना जरूरी है।
केंद्रीय कर्मचारियों को सलाह है कि वे केवल बोनस की अनुमानित राशि के आधार पर भुगतान की तारीख तय न मानें और अपने कार्यालय से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।











