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दिल्ली में प्रदर्शन के लिए जा रहे 18 युवाओं को हिरासत में लेने पर हाई कोर्ट सख्त, तत्काल रिहाई के निर्देश

जबलपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे गोवा के 18 यात्रियों को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में लेने का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को अदालत के समक्ष पेश किया जाए या उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारे गए यात्री

मामले के अनुसार, गोवा के 18 यात्री दिल्ली में सीजेपी के प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने के लिए ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। आरोप है कि ट्रेन के इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंचने पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने उन्हें नीचे उतार लिया। इसके बाद यात्रियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

याचिका में बताया गया कि सभी यात्रियों के पास यात्रा के वैध टिकट थे। इसके बावजूद उन्हें ट्रेन से उतारकर रोक लिया गया। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए गोवा निवासी सार्दुल जितेंद्र बुआ ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

याचिकाकर्ता के अनुसार, वह अपनी बहन और अन्य साथियों के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे थे। यात्रा के दौरान इटारसी स्टेशन पर हुई कार्रवाई के बाद उनके दिल्ली पहुंचने पर सवाल खड़ा हो गया।

हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर जताई सख्ती

शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश अल्पेश कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने हिरासत में लिए गए यात्रियों को लेकर नर्मदापुरम एसपी को आवश्यक निर्देश दिए।

हाई कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित लोगों को अदालत के सामने पेश किया जाए या उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से भी जवाब मांगा है और कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

12 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। अब राज्य सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों को हिरासत में लिए गए यात्रियों के संबंध में अपना पक्ष रखना होगा।

सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे 18 यात्रियों को इटारसी में रोके जाने की घटना ने पुलिस कार्रवाई और नागरिकों की आवाजाही से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और राज्य सरकार के जवाब पर नजर रहेगी।

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