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‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए हिमाचल कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, हजारों कार्यकर्ता दिल्ली रवाना

शिमला, हिमाचल प्रदेश। इंडिया गठबंधन की ओर से रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों कार्यकर्ता इस रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने के लिए 160 बसों और 553 छोटी गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। उनके ठहरने के लिए हिमाचल भवन और मंडी हाउस में इंतजाम किए गए हैं।

शनिवार को सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिल्ली रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया था। जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ वाहनों में दिल्ली के लिए निकले। पार्टी ने रैली में अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए परिवहन और ठहरने की व्यवस्थाएं पहले से तैयार की थीं।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शनिवार दोपहर बाद दिल्ली के लिए रवाना हुए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद दिल्ली पहुंचे। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक भी महारैली में भाग लेने के लिए राजधानी पहुंचे हैं।

कांग्रेस संगठन से जुड़े अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी इस आयोजन में शामिल होंगे। इनमें विभिन्न बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। प्रदेश के सभी जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी को देखते हुए पार्टी ने सामूहिक रूप से वाहनों की व्यवस्था की है।

दिल्ली पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के सामने ठहरने की समस्या न आए, इसके लिए हिमाचल भवन और मंडी हाउस में रहने का प्रबंध किया गया है। पार्टी की ओर से की गई यह व्यवस्था प्रदेश से आने वाले हजारों लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली का मुख्य मुद्दा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रखा गया है। इंडिया गठबंधन इस मंच के माध्यम से मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाएगा।

हिमाचल कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली भेजना इस रैली को लेकर पार्टी की गंभीरता और संगठनात्मक तैयारी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारियों तक की भागीदारी से इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक मौजूदगी मजबूत रहने की संभावना है।

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