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राहुल गांधी के नेतृत्व में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, ज्ञानेश कुमार को हटाने तक आंदोलन जारी रखने की बात

नई दिल्ली, दिल्ली

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को विपक्षी दलों, नागरिक समाज और युवाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, कथित वोट चोरी रोकने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। राहुल गांधी ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

राहुल गांधी के अनुसार, मार्च में शामिल प्रतिनिधि भारत के प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस नेता ने अपने सोशल मीडिया संदेश में मार्च को प्रेम, भाईचारे और देशभक्ति की भावना से जोड़ते हुए कहा कि सभी लोग एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।

राहुल गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे डरें नहीं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन करने निकले युवाओं के साथ कथित मारपीट का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और भाजपा से जुड़े लोगों ने युवाओं के साथ मारपीट की।

राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि प्रदर्शन करने निकले युवाओं के दिलों में नफरत या गुस्सा नहीं, बल्कि प्रेम था। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि वह ऐसे भारत की कल्पना नहीं करते, जहां शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ ऐसा व्यवहार हो। हालांकि, मारपीट से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध कराई गई जानकारी में नहीं है।

इस मार्च का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियां हैं। कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित वोट चोरी को रोकने की मांग उठाई जा रही है। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया गया है।

प्रस्तावित मार्च के जरिए विपक्ष अपनी मांगें सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से रखने की कोशिश करेगा। इस विरोध प्रदर्शन के बाद संबंधित मांगों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर ध्यान बना रहेगा।

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