मुंबई, महाराष्ट्र
मुंबई। टी20 क्रिकेट और दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही फ्रेंचाइजी लीग के बीच 50 ओवर के वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर बहस तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के सह-मालिक रिकी पोंटिंग ने चिंता जताई है कि आने वाले वर्षों में वनडे मुकाबलों की संख्या लगातार कम हो सकती है।
पोंटिंग का मानना है कि क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में यदि किसी एक पर टी20 और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव का सबसे अधिक असर पड़ेगा, तो वह वनडे क्रिकेट होगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया भर में टी20 टूर्नामेंटों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे 50 ओवर के क्रिकेट के लिए उपलब्ध समय और खिलाड़ियों की प्राथमिकता प्रभावित होगी।
वनडे क्रिकेट पर सबसे ज्यादा असर की आशंका
वनडे क्रिकेट के भविष्य पर बात करते हुए पोंटिंग ने कहा कि उन्हें आने वाले समय में 50 ओवर के मुकाबलों की संख्या में कमी की पूरी संभावना दिखाई देती है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह इस बदलाव को लेकर बहुत उत्साहित नहीं हैं, क्योंकि उन्हें खुद वनडे क्रिकेट खेलना बेहद पसंद था।
पोंटिंग के मुताबिक, क्रिकेट में किसी न किसी प्रारूप के मुकाबलों में कटौती करनी होगी। टेस्ट क्रिकेट को लेकर उन्होंने अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि यह प्रारूप मजबूत बना रहेगा, खासकर तब तक जब तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और संभवतः दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख क्रिकेट देश टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देते रहेंगे।
ऐसे में पोंटिंग के अनुसार, टी20 के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा दबाव वनडे क्रिकेट पर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि वनडे क्रिकेट पूरी तरह खत्म हो जाएगा, बल्कि उनका मानना है कि भविष्य में इसके मुकाबलों की संख्या सीमित हो सकती है।
WCL से जुड़कर उत्साहित हैं पोंटिंग
पोंटिंग ने विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स से जुड़ने को लेकर भी अपनी खुशी जाहिर की। इस लीग में भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। पोंटिंग ने कहा कि पुरानी प्रतिद्वंद्विताओं को एक बार फिर मैदान पर देखना प्रशंसकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए खास अनुभव है।
इस बार पोंटिंग खिलाड़ी या कोच की भूमिका में नहीं होंगे। वह ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के सह-मालिक के तौर पर टीम को बाहर से देखेंगे। उन्होंने कहा कि इस भूमिका में उन पर दबाव कम होगा और वह टीम के प्रदर्शन का आनंद ले सकेंगे।
उन्होंने WCL को उन खिलाड़ियों के लिए भी अच्छा मंच बताया जो अपने करियर के अंतिम दौर में हैं, लेकिन अभी भी उच्च स्तर पर क्रिकेट खेलना चाहते हैं। पोंटिंग ने डेविड वॉर्नर का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी लीग खिलाड़ियों को खेल से जुड़े रहने का शानदार अवसर देती है।
डेविड वॉर्नर संभालेंगे ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस की कप्तानी
विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के तीसरे सीजन के लिए डेविड वॉर्नर को ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस का कप्तान नियुक्त किया गया है। कप्तानी मिलने के बाद वॉर्नर ने मैदान पर वापसी और दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने को लेकर उत्साह जाहिर किया।
टीम के सह-मालिक पुनीत सिंह ने भी पोंटिंग और वॉर्नर के जुड़ने को टीम के लिए बड़ी मजबूती बताया। उनके अनुसार, पोंटिंग का अनुभव और वॉर्नर का नेतृत्व ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस को नई ताकत देगा।
टी20 क्रिकेट के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच वनडे क्रिकेट का भविष्य अब क्रिकेट जगत में चर्चा का अहम विषय बन गया है। आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम और खिलाड़ियों की प्राथमिकताएं यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी कि 50 ओवर का प्रारूप किस रूप में आगे बढ़ता है।










