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चीनी का स्टॉक 35 लाख टन तक सिमटने का अनुमान, नए सीजन के पहले दो महीनों पर मंडरा रहा संकट; NFCSF ने सरकार से मांगा आंकड़ा

नई दिल्ली, दिल्ली

देश में चीनी की कीमतों में तेजी के बीच अब इसके स्टॉक को लेकर भी गभीर सवाल उठने लगे हैं। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश नाइकनावारे ने सरकार से चीनी के मौजूदा स्टॉक का वास्तविक आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा चीनी सीजन समाप्त होने तक यानी सितंबर तक देश में चीनी का स्टॉक करीब 35 लाख टन रह जाने की आशंका है। यदि ऐसा होता है तो उपलब्ध मात्रा नए सीजन के शुरुआती दो महीनों, अक्टूबर और नवंबर, की घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।

स्टॉक की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग

प्रकाश नाइकनावारे ने सरकार से चीनी के स्टॉक का करीब दिनों तक भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अनुमान के आधार पर बाजार की स्थिति का आकलन करने के बजाय वास्तविक उपलब्धता की जानकारी सामने आनी चाहिए।

भौतिक सत्यापन के बाद सरकार को चीनी के अनुमानित और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इससे बाजार में स्टॉक को लेकर चल रही अटकलों को कम करने में मदद मिल सकती है।

कीमतों में तेजी ने बढ़ाया दबाव

चीनी के स्टॉक को लेकर चिंता ऐसे समय बढ़ी है जब हाल के दिनों में बाजार में इसकी कीमतों में तेजी देखी गई है। कम स्टॉक की आशंका के साथ ओवरसेलिंग को लेकर भी चर्चा है।

यदि उपलब्ध स्टॉक कम रहता है तो बाजार में आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, वास्तविक स्थिति का आकलन आधिकारिक स्टॉक आंकड़े सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा।

सरकार ने घरेलू जरूरतों पर उठाए हैं कदम

देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने और चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। इसके बावजूद चीनी उद्योग की ओर से अब वास्तविक स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है।

NFCSF का कहना है कि बाजार को यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि सीजन खत्म होने पर देश में कितनी चीनी उपलब्ध रहेगी। इससे आने वाले महीनों में आपूर्ति की योजना बनाने में सरकार और उद्योग दोनों को मदद मिलेगी।

अक्टूबर और नवंबर में होगी असली परीक्षा

सितंबर के बाद नए चीनी सीजन की शुरुआत होगी। शुरुआती दो महीने यानी अक्टूबर और नवंबर इसलिए महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि उस दौरान पुराने सीजन के बचे स्टॉक और नए सीजन की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा।

यदि 30 सितंबर तक स्टॉक 35 लाख टन के आसपास पहुंचता है, तो अक्टूबर और नवंबर की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति प्रबंधन की जरूरत पड़ सकती है। इस वजह से सीजन के अंतिम स्टॉक का सही आकलन काफी महत्वपूर्ण हो गया है।

प्रकाश नाइकनावारे की मांग ऐसे समय सामने आई है जब चीनी बाजार में कीमतों और उपलब्धता दोनों को लेकर चर्चा तेज है। उद्योग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दिन के भौतिक सत्यापन के बाद वास्तविक स्टॉक का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 30 सितंबर को देश के पास वास्तव में कितनी चीनी उपलब्ध रहेगी और नए सीजन के शुरुआती महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने की स्थिति कैसी होगी।

फिलहाल 35 लाख टन का अनुमान बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सरकार के सामने अब स्टॉक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और आने वाले महीनों में आपूर्ति को संतुलित रखने की चुनौती है।

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