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सूरज ढलते ही क्यों बंद हो जाते हैं भानगढ़ किले के दरवाजे? जानिए भारत के सबसे रहस्यमयी किले का इतिहास और सच

नई दिल्ली: राजस्थान के अलवर जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित भानगढ़ किला भारत की सबसे रहस्यमयी ऐतिहासिक जगहों में गिना जाता है। यह किला अपनी खूबसूरत वास्तुकला, समृद्ध इतिहास और उससे जुड़ी लोककथाओं के कारण वर्षों से पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करता रहा है। जयपुर और अलवर के बीच स्थित यह किला सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है।

भानगढ़ किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में आमेर के शासक राजा मान सिंह प्रथम ने अपने पोते माधो सिंह प्रथम के लिए कराया था। उस समय यह क्षेत्र व्यापार, संस्कृति और स्थापत्य कला का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था। आज भी किले के भीतर मंदिर, महल, बाजार और अन्य ऐतिहासिक संरचनाओं के अवशेष उस दौर की समृद्धि की कहानी बयां करते हैं।

भानगढ़ की सबसे बड़ी पहचान उससे जुड़ी रहस्यमयी कहानियां हैं। स्थानीय लोककथाओं में एक तांत्रिक और राजकुमारी रत्नावती की कथा का जिक्र मिलता है। हालांकि इन कहानियों की ऐतिहासिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन्हीं कथाओं ने भानगढ़ को “भूतिया किला” के रूप में लोकप्रिय बना दिया है।

किले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की होती है कि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले यहां प्रवेश की अनुमति नहीं होती। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा लगाए गए सूचना बोर्ड में स्पष्ट रूप से सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले प्रवेश प्रतिबंधित होने का उल्लेख है। यह प्रतिबंध किसी अलौकिक कारण से नहीं, बल्कि सुरक्षा, वन्यजीवों की आवाजाही और ऐतिहासिक स्मारक की संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं के तहत लगाया गया है।

आज भानगढ़ किला देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां आने वाले लोग रहस्य से जुड़ी कहानियों के साथ-साथ किले की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और राजस्थानी स्थापत्य कला को भी करीब से देखने का अवसर प्राप्त करते हैं। यही कारण है कि भानगढ़ भारत के सबसे चर्चित पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

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