Home » राजनीति » ‘कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए’, विजय सरकार को समर्थन देने पर DMK का बड़ा हमला

‘कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए’, विजय सरकार को समर्थन देने पर DMK का बड़ा हमला

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। डीएमके नेता और युवा विंग सचिव Udhayanidhi Stalin ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी को अब कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

एक पार्टी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि कांग्रेस के विधायक डीएमके कार्यकर्ताओं की मेहनत और M. K. Stalin की लोकप्रियता के कारण चुनाव जीते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और पद के लालच में कांग्रेस ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया।

उदयनिधि ने कहा, “लोगों ने कांग्रेस को वोट इसलिए दिया क्योंकि वे एमके स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। लेकिन कुछ पदों के लिए कांग्रेस हमें बताए बिना ही दूसरी तरफ चली गई। ऐसी पार्टी पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए, जिसमें बुनियादी कृतज्ञता और शिष्टाचार तक न हो।”

उन्होंने पूरे देश में बीजेपी के उभार के लिए भी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उदयनिधि ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि भाजपा की ताकत प्रधानमंत्री Narendra Modi और Amit Shah हैं, लेकिन अब साफ हो गया है कि कांग्रेस की कमजोर राजनीति ने भाजपा को मजबूत होने का मौका दिया।

डीएमके की बैठक में कांग्रेस के खिलाफ कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस को “पीठ में छुरा घोंपने वाला सहयोगी” और “गठबंधन की मेहनत पर पलने वाला जोंक” तक करार दिया। इससे दोनों दलों के रिश्तों में बढ़ती दूरी साफ दिखाई दी।

उधर, एमके स्टालिन ने भी टीवीके सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यह सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार बहुमत के सहारे टिकने की कोशिश कर रही है, लेकिन अंदरूनी अस्थिरता कभी भी संकट पैदा कर सकती है।

स्टालिन ने कहा, “आज उनकी स्थिति दीवार पर बैठी बिल्ली जैसी है। किसी भी दिन सरकार गिर सकती है।” उन्होंने उन सहयोगी दलों की भी आलोचना की, जिन्होंने पहले बाहर से समर्थन दिया और बाद में सरकार में शामिल हो गए।

डीएमके नेताओं के इन बयानों से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2