मुंबई, महाराष्ट्र
बॉलीवुड के पुराने रोमांटिक गानों की बात हो और 90 के दशक के सदाबहार गीतों का जिक्र न हो, ऐसा कम ही होता है। श्रीदेवी और ऋषि कपूर की जोड़ी ने पर्दे पर कई यादगार पल दिए, लेकिन फिल्म ‘बंजारन' का गाना ‘मेरे दिल की गलियों में' आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह रखता है। इस गीत की सबसे बड़ी खूबी इसकी भावनात्मक धुन, खूबसूरत बोल और अलका याग्निक तथा सुरेश वाडेकर की मधुर आवाज है।
1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘बंजारन' में ऋषि कपूर और श्रीदेवी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म का निर्देशन हरमेश मल्होत्रा ने किया था, जबकि संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने तैयार किया। फिल्म की कहानी प्रेम, बिछड़ने और पुनर्जन्म के इर्द-गिर्द घूमती है।
अलका याग्निक की आवाज ने गीत में भर दी मिठास
‘मेरे दिल की गलियों में' को अलका याग्निक और सुरेश वाडेकर ने अपनी आवाज दी। गीत के बोल मशहूर गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे थे और इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था। आधिकारिक संगीत विवरण भी इन क्रेडिट्स की पुष्टि करता है।
गाने की धुन और बोल प्रेम, याद और दोबारा मिलन की भावनाओं को सामने रखते हैं। श्रीदेवी और ऋषि कपूर पर फिल्माए गए इस गीत में दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इसे और आकर्षक बनाती है। फिल्म के गीत-संगीत में यह गाना आज भी उन पुराने बॉलीवुड गीतों में गिना जाता है जिन्हें लोग nostalgia के साथ सुनना पसंद करते हैं।
‘बंजारन' के संगीत की अलग पहचान
‘बंजारन' का संगीत पूरी तरह 90 के दशक की मेलोडी को दर्शाता है। फिल्म के अन्य गीतों में भी अलका याग्निक की आवाज सुनाई देती है। संगीत की विविधता के बावजूद ‘मेरे दिल की गलियों में' अपनी रोमांटिक धुन और भावुक प्रस्तुति के कारण अलग पहचान बनाता है।
आज भी इस गाने का आधिकारिक वीडियो और ऑडियो ऑनलाइन उपलब्ध है। Tips के आधिकारिक चैनल पर जारी गीत के वीडियो को लाखों बार देखा गया है, जो बताता है कि तीन दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद इस गाने की लोकप्रियता कायम है।
श्रीदेवी की अदाकारी, ऋषि कपूर की स्क्रीन प्रेजेंस और अलका याग्निक-सुरेश वाडेकर की आवाज का मेल इस गीत को 90 के दशक के यादगार रोमांटिक गानों में खास बनाता है। यही वजह है कि पुराने हिंदी फिल्म संगीत के शौकीन आज भी ‘मेरे दिल की गलियों में' को बार-बार सुनना पसंद करते हैं।











