भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर अपना दूसरा दीर्घकालिक पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और भीषण गर्मी की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार जून से सितंबर के बीच देश में औसतन 90 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है, जो सामान्य स्तर से कम मानी जा रही है।
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि जून महीने की शुरुआत धीमी रह सकती है और देश के अधिकांश इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में लंबे समय तक लू चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक जून में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से राहत मिलने की उम्मीद है।
आईएमडी ने बताया कि प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है। जून तक इसके सक्रिय होने की संभावना 82 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो के प्रभाव से भारतीय मानसून कमजोर पड़ता है और सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।
हालांकि राहत की बात यह है कि मई महीने में देशभर में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून फिलहाल अंडमान-निकोबार और दक्षिण अरब सागर तक पहुंच चुका है और जल्द ही केरल में दस्तक दे सकता है।












