नई दिल्ली: सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और धार्मिक आयोजनों को लेकर जारी बहस के बीच एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi ने प्रशासनिक नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किसी एक समुदाय की धार्मिक गतिविधियों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
ओवैसी ने कहा कि देश में विभिन्न धर्मों के त्योहार, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम सड़कों पर आयोजित होते हैं। ऐसे में यदि सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर आपत्ति जताई जाती है, तो समानता के सिद्धांत के तहत सभी धार्मिक आयोजनों पर भी एक जैसे नियम लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है और किसी भी निर्णय में इसी भावना का पालन होना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अजान और नमाज जैसे मुद्दों को समय-समय पर राजनीतिक रूप से उछाला जाता है। ओवैसी के इस बयान के बाद सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।












