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‘सूर्यपथ तिरंगा' ने रचा वैश्विक इतिहास, 54 देशों से गुजरकर सैन फ्रांसिस्को पहुंचा भारत का तिरंगा

नई दिल्ली, दिल्ली

भारत के 80वें स्वतत्रता दिवस के अवसर पर शुरू की गई ‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले' ने देश के राष्ट्रीय ध्वज को दुनिया के विभिन्न हिस्सों से जोड़ते हुए एक अनूठा संदेश दिया। फिजी से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा 54 देशों और कई टाइम जोन से गुजरने के बाद अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में पूरी हुई। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अभियान के सफल समापन की घोषणा की।

इस पहल के तहत तिरंगा पूरब से पश्चिम की ओर प्रतीकात्मक रूप से आगे बढ़ा। जिस तरह सूरज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्रमशः उगता है, उसी क्रम में भारतीय मिशनों में तिरंगा फहराया गया। इसका मकसद स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को लगातार जारी रखते हुए विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को भारत के राष्ट्रीय पर्व से जोड़ना था।

फिजी में भारतीय समयानुसार रात करीब : बजे इस यात्रा की शुरुआत हुई। इसके बाद तिरंगा न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया पहुंचा। पूर्वी एशिया में जापान, दक्षिण कोरिया और चीन के अलावा इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और म्यांमार में भारतीय मिशनों ने अभियान में हिस्सा लिया।

दक्षिण एशिया में बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में भी तिरंगा फहराया गया। इसके बाद अभियान उज्बेकिस्तान, ओमान, यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब तक पहुंचा।

अफ्रीका और यूरोप में भी भारतीय मिशनों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया। इथियोपिया, रूस, केन्या, इजरायल, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के बाद यह यात्रा लातविया, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, मोरक्को और आइसलैंड तक पहुंची।

अमेरिका महाद्वीप में ब्राजील, सूरीनाम, गुयाना, अर्जेंटीना, त्रिनिदाद और टोबैगो, डोमिनिकन रिपब्लिक, कोलंबिया, कनाडा, जमैका, अमेरिका, पेरू और मेक्सिको में भारतीय मिशनों पर तिरंगा फहराया गया।

इस दौरान कई स्थानों पर भारतीय समुदाय के लोगों ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बीजिंग में बारिश के बावजूद भारतीय समुदाय की मौजूदगी में राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रपति के संबोधन के अंश पढ़कर सुनाए। टोक्यो में भारतीय राजदूत नगमा मलिक ने भी दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, यह पहल ‘हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ी थी। इसके जरिए दुनिया भर में बसे भारतीयों को एक साझा राष्ट्रीय भावना से जोड़ने और यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि तिरंगा सिर्फ भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया भर में भारतीय समुदाय की पहचान और गौरव का प्रतीक है।

सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में तिरंगा फहराए जाने के साथ ‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले' का समापन हुआ।

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