वॉशिंगटन, अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किम के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए कहा कि तस्वीर में दोनों भले ही गंभीर या गुस्से में दिखाई दे रहे हों, लेकिन उनके बीच संबंध बेहद मजबूत और अच्छे हैं।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया के साथ तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों देश 17 से 27 अगस्त तक वार्षिक उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास आयोजित करने जा रहे हैं।
उत्तर कोरिया इन सैन्य अभ्यासों का लंबे समय से विरोध करता रहा है। प्योंगयांग का आरोप है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यास उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी हैं। उत्तर कोरिया ने इस बार के अभ्यास को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच बढ़ते त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग पर चिंता जताई है। उत्तर कोरियाई प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि तीनों देशों का सहयोग धीरे-धीरे एक परमाणु गठबंधन की दिशा में बढ़ रहा है।
प्योंगयांग ने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में उसके खिलाफ सुरक्षा खतरे का स्तर बढ़ता है तो उत्तर कोरिया भी अपनी सैन्य प्रतिक्रिया को नए और अधिक आक्रामक स्तर तक ले जा सकता है। उत्तर कोरिया का दावा है कि इस बार के सैन्य अभ्यास पिछले वर्षों की तुलना में आधुनिक युद्ध रणनीतियों पर ज्यादा केंद्रित हैं।
इसी बीच उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों ने भी चिंता बढ़ाई है। 12 अगस्त को उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर यानी जापान सागर की ओर एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की। दक्षिण कोरियाई सेना ने इसे बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण बताया। यह एक सप्ताह के भीतर उत्तर कोरिया का दूसरा मिसाइल परीक्षण था।
अमेरिकी प्रशासन ने भी इस घटना को मिसाइल लॉन्च के रूप में दर्ज किया। इससे साफ है कि एक ओर अमेरिका और दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन जारी रखे हुए है।
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया। ट्रंप ने तस्वीर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि दोनों नेताओं के बीच संबंध केवल तस्वीर में दिखाई देने वाली गंभीरता से तय नहीं होते।
ट्रंप और किम के बीच पहले भी कई दौर की मुलाकातें हो चुकी हैं। उनके बीच सीधे संवाद को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिशों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया है।
हालांकि, मौजूदा परिस्थितियां बताती हैं कि व्यक्तिगत संबंधों के बावजूद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच रणनीतिक तनाव बना हुआ है। सैन्य अभ्यासों को लेकर उत्तर कोरिया की नाराजगी, मिसाइल परीक्षण और परमाणु मुद्दे ने क्षेत्रीय सुरक्षा को जटिल बना दिया है।
ऐसे में ट्रंप का किम के साथ मजबूत संबंधों का दावा आने वाले समय में कूटनीतिक संवाद की संभावनाओं को लेकर भी अहम माना जा रहा है। लेकिन फिलहाल सैन्य गतिविधियों के कारण कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं।










