गॉल, श्रीलंका
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बेहद खास है। गॉल में अपने 30वें टेस्ट मैच के लिए मैदान पर उतरते ही यशस्वी ने अपने शुरुआती 30 टेस्ट मुकाबले 30 अलग-अलग मैदानों पर खेलने का रिकॉर्ड बना लिया।
इस उपलब्धि के साथ यशस्वी ने सचिन तेंदुलकर और संजय मांजरेकर जैसे भारतीय दिग्गजों की सूची में जगह बना ली है। वह भारत के केवल तीसरे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपने पहले 30 टेस्ट अलग-अलग वेन्यू पर खेले हैं।
यशस्वी का अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ था। डेब्यू के बाद से ही वह लगातार भारतीय टेस्ट टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। इस दौरान उन्होंने भारत के कई मैदानों के अलावा ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में भी टेस्ट क्रिकेट खेला है।
30वें टेस्ट में भी नहीं बदला सिलसिला
यशस्वी के लिए हर टेस्ट का मैदान नया रहा है। गॉल में उतरते ही उनके अलग-अलग टेस्ट वेन्यू की संख्या 30 हो गई। इतने कम समय में 30 अलग मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट खेलना अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि है।
इससे यशस्वी को विभिन्न परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी मिला है। भारतीय उपमहाद्वीप की स्पिन मददगार पिचों से लेकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की अलग परिस्थितियों तक उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में खुद को ढाला है।
37 रन पर खत्म हुई पारी
हालांकि, रिकॉर्ड बनाने के बाद गॉल टेस्ट की पहली पारी में यशस्वी बड़ी पारी नहीं खेल पाए। वह 37 रन बनाकर रन आउट हो गए।
यशस्वी के आउट होने का तरीका भी बेहद असामान्य था। केएल राहुल ने गेंद को खेला और श्रीलंकाई गेंदबाज ने उसे रोकने की कोशिश में डाइव लगाई। इसी दौरान गेंदबाज और यशस्वी के बीच टक्कर हुई। यशस्वी गिर गए और इसी बीच राहुल दूसरे छोर पर पहुंच गए।
स्थिति ऐसी बनी कि दोनों भारतीय बल्लेबाज एक ही छोर पर आ गए। श्रीलंकाई टीम ने तुरंत विकेट गिराया और यशस्वी को रन आउट कर दिया।
रिकॉर्ड के साथ आगे बढ़ रहा करियर
यशस्वी ने अपने छोटे टेस्ट करियर में पहले ही कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। 30 अलग-अलग मैदानों पर अपने शुरुआती 30 टेस्ट खेलना उनके लगातार बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अनुभव का प्रमाण है।
गॉल टेस्ट के पहले दिन यशस्वी के आउट होने के बाद भी भारत मजबूत स्थिति में रहा। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक लगाकर भारतीय पारी को संभाला और भारत ने दिन का खेल 288/2 के स्कोर पर समाप्त किया।
यशस्वी की 37 रन की पारी भले ही छोटी रही, लेकिन गॉल टेस्ट उनके करियर में एक खास वजह से हमेशा याद किया जाएगा। इस मैदान पर उन्होंने सचिन तेंदुलकर और संजय मांजरेकर के साथ उस दुर्लभ रिकॉर्ड में अपना नाम जोड़ दिया, जिसमें पहुंचना हर बल्लेबाज के लिए आसान नहीं है।










