नई दिल्ली, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुंद्रा पोर्ट से नशीले पदार्थों की बरामदगी से जुड़े मामले में आरोपित हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार की जमानत रद करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की याचिका को खारिज कर दिया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एनआईए ने आरोपित की जमानत रद करने की मांग की थी। एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि मामला गंभीर है और इसमें दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
एनआईए के अनुसार, मामला मुंद्रा पोर्ट पर करीब तीन हजार किलोग्राम नशीले पदार्थ की बरामदगी से जुड़ा है। एजेंसी ने अदालत में कहा कि यह खेप ईरान और अफगानिस्तान से खरीदकर भारत लाई गई थी।
हालांकि, प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनआईए की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत रद करने की मांग पर पुनर्विचार से इनकार कर दिया। पीठ में जस्टिस जयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपित गवाहों को प्रभावित करने या जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है, तो उसकी जमानत रद करने पर विचार किया जा सकता है।
पीठ ने कहा कि मामले के कई सह-अभियुक्तों को अभी जमानत नहीं मिली है और कई गवाहों का परीक्षण भी बाकी है। ऐसे में संबंधित विशेष न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात हाईकोर्ट ने हरप्रीत सिंह तलवार को जमानत दी थी। अदालत ने मामले में उसकी भूमिका और गवाहों के परीक्षण से जुड़े पहलुओं पर विचार करने के बाद यह राहत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की याचिका खारिज करते हुए फिलहाल गुजरात हाईकोर्ट के जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।











