धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश:
मुख्यमंत्री ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत पात्र परिवारों के चयन और योजना के अंतिम चरण के क्रियान्वयन को लेकर जिला कांगड़ा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला, उपमंडल और विकास खंड स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। प्रशासन का उद्देश्य पात्र परिवारों तक योजना का लाभ समय पर और व्यवस्थित तरीके से पहुंचाना है।
करीब 2 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत करीब 2 लाख परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा योजना में 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
पात्र परिवारों की पहचान, आवेदन प्राप्त करने और लाभार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। इससे योजना के क्रियान्वयन में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
जिला से विकास खंड स्तर तक तय हुई जिम्मेदारी
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने योजना के प्रभावी संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की है। इसके तहत जिला स्तर से लेकर उपमंडल और विकास खंड स्तर तक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासन की ओर से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचे और आवेदन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया जाए। इसके साथ ही पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है।
अभिनीत कात्यायन बने जिला नोडल अधिकारी
अधिसूचना के अनुसार, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) अभिनीत कात्यायन को मुख्यमंत्री ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ का जिलास्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उन्हें जिले में योजना के संचालन की निगरानी के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला स्तर पर योजना से संबंधित कार्यों को गति देने और प्रशासनिक स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
अंतिम चरण के क्रियान्वयन पर जोर
प्रशासन का कहना है कि नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। जिला, उपमंडल और विकास खंड स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी होने से आवेदन और पात्रता से जुड़े मामलों की निगरानी आसान होगी।
फिलहाल जिला कांगड़ा में योजना के अंतिम चरण की तैयारियों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि पात्र परिवारों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर उन्हें योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।











