नई दिल्ली, दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने रविवार को यह जानकारी दी। आयोग के इस रुख के बाद तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार आगामी उपचुनाव में पार्टी के मौजूदा चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ सकेंगे।
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए 16 सितंबर तक का समय दिया है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर 17 सितंबर को मामले की सुनवाई की जा सकती है। आयोग के इस कदम से फिलहाल पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर तत्काल कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा है।
संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर विवाद
तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। एक गुट का नेतृत्व पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रही हैं, जबकि दूसरे गुट की अगुवाई बागी नेता रिताब्रता बनर्जी कर रही हैं।
दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को अलग-अलग चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके बाद आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले पक्ष से अतिरिक्त दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
कल्याण बनर्जी ने दी जानकारी
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चुनाव आयोग ने कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि आयोग ने संबंधित पक्ष को 16 और 17 सितंबर को आवश्यक प्रक्रिया के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
कल्याण बनर्जी ने इसी आधार पर कहा कि उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पार्टी के चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ेंगे।
चुनाव चिह्न को लेकर किसी राजनीतिक दल में विवाद होने की स्थिति में चुनाव आयोग का फैसला महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में TMC के संगठनात्मक नियंत्रण से जुड़े इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल आयोग ने अंतिम फैसला नहीं सुनाया है और अतिरिक्त दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। तब तक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अपने मौजूदा पार्टी चुनाव चिह्न के साथ उपचुनाव में मैदान में उतर सकेंगे।












