नई दिल्ली, दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 2029 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार वाले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। शाह ने कहा कि देश में समान कानून की दिशा में सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने तत्काल तीन तलाक को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में पहले ही UCC लागू किया जा चुका है और उन्हें भरोसा है कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश को लंबे समय से चली आ रही ‘पॉलिसी पैरालिसिस' से बाहर निकालने का काम किया है। सरकार ने विकास और जनभागीदारी की राजनीति को आगे बढ़ाया है।
शाह के मुताबिक, देश में भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवादी राजनीति के प्रभाव को कम करने की दिशा में भी काम हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों और फैसलों को देश में बदलाव की प्रक्रिया से जोड़ते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
NRC को लेकर भी सामने आया बड़ा बयान
गृह मंत्री के साथ पत्रकारों की बातचीत के दौरान राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा भी उठा। शाह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने मणिपुर में जनगणना से पहले NRC कराने का फैसला किया है।
UCC और NRC को लेकर केंद्र सरकार का रुख पहले से ही राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। UCC के तहत अलग-अलग धार्मिक समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक कानून लागू करने की व्यवस्था की परिकल्पना की गई है। वहीं NRC का उद्देश्य किसी क्षेत्र में वैध नागरिकों का आधिकारिक रजिस्टर तैयार करना है।
अमित शाह के ताजा बयान के बाद UCC को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होने की संभावना है। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य केंद्र की इस मुद्दे पर प्राथमिकता को स्पष्ट करता है।












