देवास, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह शुक्रवार को देवास पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।
दिग्विजय सिंह का भाजपा विधायक के निवास पर पहुंचना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। बताया गया कि कांग्रेस नेता के इस दौरे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के विस्तृत विषयों का खुलासा नहीं किया गया है।
डेली कॉलेज में आरएसएस के कार्यक्रमों का विरोध
देवास दौरे के दौरान दिग्विजय सिंह ने इंदौर के डेली कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रमों को लेकर भी अपना विरोध जताया। उन्होंने कहा कि डेली कॉलेज एक शैक्षणिक संस्था है और यहां आरएसएस या कांग्रेस से जुड़े सेवादल के शिविर आयोजित करना उचित नहीं है।
दिग्विजय सिंह के अनुसार, डेली कॉलेज में पहले भी आरएसएस के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और आने वाले दिनों में भी ऐसे कार्यक्रम होने की संभावना है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों को उचित नहीं माना।
उनका कहना था कि किसी शैक्षणिक संस्थान में राजनीति का प्रभाव उसकी मूल भूमिका के अनुकूल नहीं है। इस मुद्दे पर उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
‘वोट-नोट चोरी’ के खिलाफ जनजागरण यात्रा
दिग्विजय सिंह ने ‘वोट-नोट चोरी’ के खिलाफ जनजागरण यात्रा निकालने की बात भी कही। इस यात्रा के माध्यम से वह इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की तैयारी में हैं।
एक ओर भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार से उनकी मुलाकात चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर आरएसएस के कार्यक्रमों पर उनका विरोध और प्रस्तावित जनजागरण यात्रा भी राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा बनी रही। हालांकि, भाजपा विधायक से मुलाकात के राजनीतिक उद्देश्य को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।












