पटना, बिहार। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन की ओर से पांच करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजे जाने के मामले में बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने नोटिस भेजने के लिए राज्य सरकार की पूर्व अनुमति और पांच करोड़ रुपये की राशि निर्धारित करने के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा है।
सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में कहा कि सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में मानहानि का दावा करने से पहले संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या कुंदन कृष्णन ने पांच करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस के लिए राज्य सरकार से पूर्व स्वीकृति प्राप्त की थी।
पांच करोड़ रुपये की राशि पर उठाए सवाल
राजद सांसद ने नोटिस में मांगी गई राशि को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि पांच करोड़ रुपये की मानहानि राशि तय करने का आधार क्या है। इस मुद्दे पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया कि कहीं यह राशि किसी रियलिटी शो में जाने का अवसर नहीं मिलने से तो नहीं जुड़ी है।
सुधाकर सिंह की यह टिप्पणी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से अधिकारियों की कार्यशैली और सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही के मुद्दे को भी उठाया।
अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनके अनुसार, सरकारी अधिकारियों को अपने कामकाज में जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आम लोगों के साथ संवेदनशील तथा मानवीय व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी चिंता जताई।
मुख्यमंत्री से मांगा स्पष्टीकरण
सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। उनके पत्र में मुख्य रूप से मानहानि नोटिस के लिए सरकारी अनुमति, पांच करोड़ रुपये की राशि के आधार और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़े सवाल शामिल हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मुख्यमंत्री की ओर से इस पत्र पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मानहानि नोटिस से जुड़े मामले में आगे की स्थिति पर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।












