नई दिल्ली, दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं। इसके साथ ही कांग्रेस की तुलना परजीवी से करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी दूसरों को आगे बढ़ने नहीं देती है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार चर्चा में रहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी एक निजी टीवी समाचार चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक मुद्दों के अलावा बदलती वैश्विक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की भूमिका पर भी अपने विचार रखे।
कांग्रेस और विपक्ष पर सीधा हमला
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को लेकर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने पार्टी की तुलना परजीवी से करते हुए आरोप लगाया कि वह दूसरों को आगे बढ़ने नहीं देती है। उन्होंने विपक्ष के कुछ लोगों पर अव्यवस्था का सपना देखने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी पर निशाना साधने के संदर्भ में प्रधानमंत्री की टिप्पणी चर्चा में रही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए इस मामले में विपक्ष का पक्ष उपलब्ध सामग्री के आधार पर स्पष्ट नहीं है।
वैश्विक व्यवस्था में तेजी से बदलाव
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक व्यवस्था बदल रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रही हैं।
उन्होंने व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्गों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने का भी उल्लेख किया। यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आर्थिक और रणनीतिक साधनों के बढ़ते महत्व की ओर संकेत करती है। प्रधानमंत्री ने बदलती परिस्थितियों के बीच भारत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखी। तकनीकी बदलावों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच भारत की स्थिति उनके संबोधन का अहम हिस्सा रही।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की बदलती परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने की चुनौती को भी रेखांकित किया। उनके संबोधन में यह संदेश प्रमुख रहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों को समझना और उनके अनुरूप काम करना जरूरी है।
भारत की भूमिका पर प्रधानमंत्री का जोर
प्रधानमंत्री ने दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन और भारत की भूमिका पर भी चर्चा की। व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्गों के रणनीतिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में हो रहे बदलावों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का संबोधन दो प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित रहा। एक ओर उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर राजनीतिक निशाना साधा, वहीं दूसरी ओर वैश्विक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और तकनीक से जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार रखे। फिलहाल, कांग्रेस को लेकर उनकी टिप्पणी और संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं पर उनका आकलन इस संबोधन के प्रमुख बिंदु बने हुए हैं।











