IND vs NZ: 226 रन चेज करने के बाद संजू सैमसन ने खोला टीम इंडिया का राज, पावरप्ले में ही मैच खत्म करने की रणनीति
नई दिल्ली, दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में ऐतिहासिक रन चेज के बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने टीम इंडिया की आक्रामक रणनीति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की कोशिश रहती है कि पावरप्ले में ही मुकाबले पर ऐसी पकड़ बनाई जाए, जिससे जीत की राह आसान हो सके। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने शुरुआती छह ओवर में 94 रन बनाकर 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने की मजबूत नींव रखी।
भारत ने यह मुकाबला 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर जीत लिया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया का सबसे बड़ा सफल रन चेज बताया गया।
पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत पर भरोसा
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजू सैमसन ने कहा कि टी20 मुकाबले के अलग-अलग चरणों में टीम की रणनीति भी अलग होती है। पावरप्ले, मध्य ओवर और डेथ ओवर में बल्लेबाजी की योजना परिस्थितियों के अनुसार बनाई जाती है।
सैमसन ने कहा कि जब टीम को शुरुआती ओवरों में अच्छी गति मिल जाती है, तो मुकाबले को अपने पक्ष में करने का अवसर बनता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि टीम 170 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही हो और शुरुआत तेज हो, तो भारतीय टीम पावरप्ले में ही मैच जीतने की कोशिश करती है।
उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में टीम इसी दृष्टिकोण के साथ अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पावरप्ले में 94 रन
226 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही तेजी दिखाई। पावरप्ले के छह ओवर में 94 रन बनने से न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया।
भारत ने 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
संजू सैमसन की पारी ने बदला मैच का रुख
संजू सैमसन ने मुकाबले में 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने पावरप्ले के दौरान ही अर्धशतक पूरा कर लिया और भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई।
शानदार बल्लेबाजी के लिए सैमसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी पारी ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय टीम की आक्रामक रणनीति को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाई।
टीम इंडिया की रणनीति पर चर्चा
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाकर लक्ष्य का दबाव कम किया। सैमसन के बयान से स्पष्ट हुआ कि टीम पावरप्ले का अधिकतम उपयोग करने और मैच के विभिन्न चरणों के अनुसार खेलने पर जोर देती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली जीत इसी रणनीति का प्रमुख उदाहरण रही।











