Gold Silver Price Crash: सोने में 2% और चांदी में 5% की भारी गिरावट, ₹2 लाख से नीचे आया सिल्वर का भाव
नई दिल्ली, दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का वायदा भाव करीब 2 प्रतिशत टूट गया, जबकि चांदी की कीमत में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई। इस कमजोरी के बाद चांदी का वायदा भाव 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट के बाद निवेशकों और खरीदारों की नजर कीमती धातुओं के अगले रुख पर है।
उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट 2.03 प्रतिशत गिरकर 1,43,069 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, इसी अवधि का सिल्वर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट 4.92 प्रतिशत यानी 10,284 रुपये टूटकर 1,98,884 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।
सोने का भाव 1,43,069 रुपये प्रति 10 ग्राम
एमसीएक्स पर सोने की कीमत में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 2.03 प्रतिशत नीचे आकर 1,43,069 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदों और निवेशकों की मांग जैसे कारक असर डाल सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस गिरावट के सभी कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे
चांदी के वायदा भाव में सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाला सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 4.92 प्रतिशत गिरकर 1,98,884 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
इस दौरान चांदी की कीमत में 10,284 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही वायदा भाव 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।
कच्चे तेल की तेजी का भी जिक्र
बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को कीमती धातुओं पर दबाव पड़ने की एक वजह बताया गया है। तेल की कीमतों में बदलाव से महंगाई की आशंकाएं और निवेशकों के फैसले प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े यह साबित नहीं करते कि गिरावट का एकमात्र कारण कच्चे तेल की तेजी ही थी।
खरीदारों के लिए जरूरी जानकारी
एमसीएक्स के वायदा भाव और स्थानीय सराफा बाजार में सोने-चांदी की खुदरा कीमतें अलग हो सकती हैं। आभूषण खरीदते समय जीएसटी, मेकिंग चार्ज और अन्य लागत भी जुड़ती हैं।
इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है। निवेशकों को भी केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर फैसला लेने के बजाय बाजार के उतार-चढ़ाव और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।











