बेंगलुरु, कर्नाटक। दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के करीब 60 हजार कर्मचारियों को इस प्रस्ताव के दायरे में रखा जा सकता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बड़े पैमाने पर निवेश करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, कंपनी ने प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की संख्या पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
AI समेत कई विभागों के कर्मचारी हो सकते हैं पात्र
रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि कंपनी की इस पेशकश में AI एक्सपीरियंस, कोपायलट, वित्त, मानव संसाधन (HR), एक्सबॉक्स और विंडोज प्लस डिवाइसेज जैसे प्रमुख विभागों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, मार्केटिंग, वाणिज्यिक कारोबार और सुरक्षा से जुड़ी कुछ इकाइयों को इस योजना से बाहर रखे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी अलग-अलग विभागों की जरूरतों के अनुसार अपने कर्मचारियों की संख्या और कार्यबल के ढांचे में बदलाव कर रही है।
किन देशों के कर्मचारियों को मिलेगा मौका?
माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में चुनिंदा टीमों के वाइस प्रेसिडेंट स्तर और उससे नीचे के कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
हालांकि, सभी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। डेटा सेंटर, सेल्स और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले कुछ कर्मचारी समूहों को योजना से बाहर रखा गया है। पात्रता से संबंधित शर्तें और कर्मचारियों की अंतिम संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इस साल दूसरी बार स्वैच्छिक निकास योजना
रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल दूसरी बार कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। ऐसी योजनाओं के तहत पात्र कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों पर कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जाता है। इसे अनिवार्य छंटनी से अलग माना जाता है, क्योंकि इसमें कर्मचारी स्वेच्छा से प्रस्ताव स्वीकार कर सकते हैं।
AI में निवेश बढ़ाने पर कंपनी का जोर
टेक्नोलॉजी कंपनियां AI आधारित उत्पादों, सेवाओं और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट भी कोपायलट और अन्य AI तकनीकों पर काम कर रही है। ऐसे में कर्मचारियों से जुड़ा यह प्रस्ताव कंपनी की लागत, कार्यबल और भविष्य की व्यावसायिक प्राथमिकताओं में बदलाव से जुड़ा हो सकता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि करीब 60 हजार कर्मचारियों की संख्या रिपोर्ट में बताई गई है। कंपनी ने अभी तक प्रभावित कर्मचारियों की अंतिम संख्या की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे 60 हजार कर्मचारियों की निश्चित छंटनी के बजाय स्वैच्छिक निकास योजना के रूप में समझना उचित होगा।











