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1 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य लेकिन एक दाना DAP नहीं बना पाया ये कारखाना! 4 महीने से काम ठप, 60 हजार टन फॉस्फोरिक एसिड का ऑर्डर अटका

नई दिल्ली, दिल्ली। बांग्लादेश में डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) खाद का उत्पादन गंभीर संकट में है। देश का एकमात्र DAP खाद कारखाना करीब चार महीने से बंद पड़ा है। फॉस्फोरिक एसिड की कमी और कच्चे माल के आयात को सरकारी मंजूरी मिलने में देरी के कारण उत्पादन दोबारा शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे कारखाने का एक लाख टन उत्पादन का लक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है।

28 जून से बंद है कारखाना

बांग्लादेश के चट्टोग्राम जिले के अनवारा उपजिला में स्थित DAP फर्टिलाइजर कंपनी लिमिटेड (DAPFCL) में 28 जून से उत्पादन बंद है। फॉस्फोरिक एसिड DAP खाद बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल है। इसकी पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण कारखाने का संचालन ठप हो गया।

यह बांग्लादेश का एकमात्र DAP खाद उत्पादन संयंत्र है। ऐसे में लंबे समय तक उत्पादन बंद रहने से देश में उर्वरक की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

60 हजार टन फॉस्फोरिक एसिड खरीदने की तैयारी

कच्चे माल की कमी दूर करने के लिए बांग्लादेश केमिकल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (BCIC) ने तीन खेपों में कुल 60 हजार टन फॉस्फोरिक एसिड खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। हालांकि, खरीद प्रक्रिया अभी सरकारी मंजूरी की प्रतीक्षा में है। मंजूरी मिलने में देरी के कारण कच्चे माल की आपूर्ति और उत्पादन दोबारा शुरू करने की योजना अटकी हुई है।

मध्य पूर्व के तनाव से बढ़ी मुश्किलें

रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण ईंधन और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी ने भी कच्चे माल की खरीद को मुश्किल बनाया है। ऐसे हालात में बांग्लादेश के लिए फॉस्फोरिक एसिड की समय पर व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।

एक लाख टन उत्पादन का लक्ष्य प्रभावित

कारखाने के बंद रहने से निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो गया है। DAP खाद कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका इस्तेमाल फसलों को फॉस्फोरस और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।

यदि कारखाना लंबे समय तक बंद रहता है, तो बांग्लादेश को DAP खाद की जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इससे आयात पर दबाव बढ़ने की आशंका भी है।

फिलहाल उत्पादन दोबारा शुरू होने की स्थिति सरकारी मंजूरी और फॉस्फोरिक एसिड की उपलब्धता पर निर्भर है। 60 हजार टन कच्चे माल की खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कारखाने के संचालन को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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