नई दिल्ली, भारत। श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपित आफताब अमीन पूनावाला की जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर साकेत कोर्ट ने जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। शुक्रवार को इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा इंतजामों की रिपोर्ट अदालत में पेश की। हालांकि, आफताब के बयान के बाद अदालत ने नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। जेल प्रशासन को 17 नवंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
पांच कैदियों से खतरे की बात कही
आफताब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुआ। इस दौरान उसने बताया कि उसने पहले पांच कैदियों से अपनी सुरक्षा को खतरा होने की आशंका जताई थी। लेकिन जेल प्रशासन ने केवल दो कैदियों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किया है। बाकी तीन कैदी अभी भी उसी वार्ड में मौजूद हैं।
आफताब के इस बयान पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने जेल प्रशासन से सवाल किया कि दो नवंबर के आदेश में पांच कैदियों को हटाने का उल्लेख होने के बावजूद केवल दो को ही दूसरी जगह क्यों भेजा गया। अदालत ने इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी
जेल उपाधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, आफताब को सेंट्रल जेल नंबर चार के अलग सुरक्षा वार्ड में रखा गया है। उसकी सुरक्षा के लिए जेल कर्मचारियों के अलावा व्यक्तिगत टीएसपी एस्कॉर्ट भी तैनात किया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया कि आफताब की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाती है। एस्कॉर्ट सुबह उसे सेल से बाहर निकालने से लेकर रात में वापस सेल में बंद किए जाने तक उसके साथ रहता है। जेल प्रशासन ने अपनी जांच में धमकी मिलने की पुष्टि नहीं होने की बात भी कही है।
सेल से बाहर निकलने के लिए मिलता है सीमित समय
सुनवाई के दौरान आफताब ने अदालत को बताया कि उसे सुबह और शाम केवल 30-30 मिनट के लिए सेल से बाहर निकलने की अनुमति दी जाती है। अदालत ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कैदियों को दूसरे वार्ड में भेजने के फैसले पर भी जवाब मांगा है।
मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस दिन जेल प्रशासन को नई रिपोर्ट के साथ अदालत के सवालों का जवाब देना होगा।
2022 में हुई थी आफताब की गिरफ्तारी
श्रद्धा वालकर हत्याकांड में आफताब पर अपनी लिव-इन पार्टनर की गला घोंटकर हत्या करने और शव के 35 टुकड़े करने का आरोप है। आरोप के मुताबिक, उसने शव के टुकड़ों को रेफ्रिजरेटर में रखा और बाद में दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर फेंका। इस मामले में आफताब को 12 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था।











