बीजिंग, चीन। दुनिया की तीन प्रमुख शक्तियों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ नजर आ सकते हैं। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित त्रिपक्षीय बैठक को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। चीन ने शुक्रवार को पहली बार पुष्टि की कि तीनों नेताओं की संभावित मुलाकात के संबंध में संबंधित देशों के साथ संपर्क किया जा रहा है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बैठक को लेकर बातचीत जारी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने चीन के शेनझेन शहर में होने वाले क्षेत्रीय आर्थिक शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं की मुलाकात संभव है। हालांकि, अभी तक बैठक की तारीख और अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
तीन परमाणु महाशक्तियों के नेता एक मंच पर
यदि यह बैठक होती है तो इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बड़ी घटना माना जाएगा। चीन, अमेरिका और रूस तीनों ही परमाणु हथियार संपन्न प्रमुख देश हैं। ऐसे में इन देशों के शीर्ष नेताओं का एक साथ बैठना वैश्विक सुरक्षा और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
इस संभावित मुलाकात में अंतरराष्ट्रीय तनाव, परमाणु हथियारों पर नियंत्रण और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रंप की प्राथमिकता परमाणु हथियारों पर नियंत्रण
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परमाणु हथियारों पर नियंत्रण के मुद्दे को बैठक में उठाना चाहते हैं। दुनिया में परमाणु हथियारों की बढ़ती चुनौती और इनके इस्तेमाल से जुड़े खतरे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
ऐसे में अमेरिका की ओर से इस मुद्दे पर बातचीत की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस विषय पर तीनों देशों के बीच क्या सहमति बन सकती है, इसे लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
पुतिन यूक्रेन युद्ध पर करना चाहते हैं चर्चा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्राथमिकता यूक्रेन युद्ध से जुड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अंतरराष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है। ऐसे में पुतिन इस बैठक के जरिए युद्ध से संबंधित मुद्दों पर बातचीत करना चाह सकते हैं।
चीन के लिए भी अहम होगी यह बैठक
चीन इस संभावित बैठक की मेजबानी करके वैश्विक कूटनीति में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है। तीनों देशों के नेताओं को एक मंच पर लाना चीन की कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल बैठक की तारीख, विस्तृत एजेंडे और अंतिम सहमति का इंतजार है। यदि यह मुलाकात होती है तो इसके नतीजों पर दुनिया के कई देशों की नजर रहेगी।











