Home » देश » पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में फिर होगी पेशी; हिमंत सरमा बोले—कानून करेगा अपना काम

पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में फिर होगी पेशी; हिमंत सरमा बोले—कानून करेगा अपना काम

गुवाहाटी,  वरिष्ठ कांग्रेस नेता Pawan Khera से जुड़े मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को वह Guwahati स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए, जहां उनसे कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए। पूछताछ के बाद बाहर निकलते हुए खेड़ा ने बताया कि उन्हें गुरुवार सुबह 9:30 बजे फिर से पेश होने के लिए बुलाया गया है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

इस पूरे मामले पर Himanta Biswa Sarma ने साफ कहा है कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “कानून अपना काम करेगा और जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेंगी।”

जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा को फर्जी दस्तावेज, एक से अधिक पासपोर्ट और विदेश में कथित संपत्ति से जुड़े आरोपों के सिलसिले में समन जारी किया था। पेशी से पहले खेड़ा ने कहा था कि वह कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, इसलिए समन के अनुसार पूछताछ में शामिल होने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी पूछताछ के बाद वह विस्तार से अपनी बात सार्वजनिक करेंगे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी दूसरी पारी की पहली कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि केंद्र सरकार से लिखित रूप में यह जानकारी मिली है कि जिन दस्तावेजों को पवन खेड़ा ने सार्वजनिक किया था, वे कथित तौर पर फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि जांच की रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि आरोपी पुलिस के साथ कितना सहयोग करता है। “अगर सहयोग मिलेगा तो चार्जशीट जल्द दाखिल की जा सकती है, अन्यथा जांच में समय लग सकता है,” उन्होंने जोड़ा।

यह मामला मुख्यमंत्री की पत्नी Riniki Bhuyan Sharma द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान पवन खेड़ा और अन्य लोगों ने गलत बयान दिए और अपने दावों के समर्थन में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

इस मामले में असम क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में पेश करना, मानहानि, शांति भंग करने की नीयत से अपमान और चुनाव से जुड़े भ्रामक बयान देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। जहां एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं राज्य सरकार और जांच एजेंसियां इसे कानून के अनुसार आगे बढ़ाने की बात कह रही हैं। गुरुवार को होने वाली अगली पेशी इस मामले में अहम मानी जा रही है, जहां जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2