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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा सरकार सक्रिय, नियमित कर्मचारियों का 15 दिन में मांगा ब्योरा

चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीतियों के तहत स्थायी किए गए कर्मचारियों का विवरण जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने सभी विभागों, कार्यालयों और संगठनों को निर्देश जारी कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए 15 दिन की समयसीमा तय की गई है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करने और कर्मचारियों से संबंधित आंकड़े एकत्र करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, विभागों को वर्ष 2014 में जारी नियमितीकरण नीतियों के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों की संख्या का ब्योरा देना होगा। इसमें ग्रुप-बी, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, इन नीतियों में समय-समय पर किए गए संशोधनों और अन्य समान नीतियों के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी गई है।

तीन नियमितीकरण नीतियों पर मांगी जानकारी

सरकार ने 16 जून 2014, 18 जून 2014 और 7 जुलाई 2014 को जारी नियमितीकरण नीतियों के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों का विवरण मांगा है। इन नीतियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद सरकार ने आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 16 जून और 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीतियों को वैध ठहराया है, जबकि 7 जुलाई 2014 की नीति को असंवैधानिक करार दिया जा चुका है। ऐसे में सरकार के लिए इन नीतियों के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों का सही विवरण जुटाना महत्वपूर्ण हो गया है।

सभी विभागों को समयसीमा में देना होगा ब्योरा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभागों, कार्यालयों और संगठनों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसका उद्देश्य नियमित किए गए कर्मचारियों की संख्या और उनसे संबंधित विवरण को एकत्रित करना है।

इस प्रक्रिया से मानव संसाधन विभाग को आवश्यक आंकड़े संकलित करने में मदद मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के लिए जुटाई जा रही यह जानकारी आगे की प्रशासनिक कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

फिलहाल सरकार ने कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है। संबंधित विभागों को इस अवधि के भीतर जानकारी भेजनी होगी।

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