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कॉकरोच जनता पार्टी: सोशल मीडिया पर युवाओं का नया डिजिटल आंदोलन, लाखों लोग हुए शामिल

नई दिल्ली: इंटरनेट मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का एक अनोखा डिजिटल आंदोलन तेजी से चर्चा में है। मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक नाराजगी के मिश्रण से शुरू हुई इस ऑनलाइन मुहिम ने कुछ ही दिनों में लाखों युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर इसके फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह ट्रेंड इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो चुका है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत देश के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि कुछ युवा “कॉकरोच” की तरह होते हैं, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और वे मीडिया, इंटरनेट मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर व्यवस्था पर हमला करते हैं। हालांकि इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।

लेकिन तब तक यह मुद्दा इंटरनेट मीडिया पर बहस का बड़ा विषय बन चुका था। बेरोजगारी, युवाओं की स्थिति और सिस्टम से नाराजगी को लेकर बड़ी संख्या में यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। इसी माहौल में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक डिजिटल व्यंग्य अभियान शुरू किया गया।

इस अभियान को शुरू करने वाले अभिजीत डिपके बताए जा रहे हैं, जो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। वह पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वालंटियर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 16 मई को एक्स पर एक गूगल फॉर्म साझा कर लोगों को इस “पार्टी” से जुड़ने का न्योता दिया था।

पार्टी का टैगलाइन “Voice of Lazy and Unapplied” यानी “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” रखा गया है। हालांकि यह पूरा अभियान व्यंग्य के अंदाज में चलाया जा रहा है, लेकिन इसके जरिए बेरोजगारी, राजनीति और न्याय व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक ऑनलाइन घोषणा पत्र भी जारी किया है। इसमें महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, दल बदलने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक, रिटायरमेंट के बाद जजों को राज्यसभा न भेजने और चुनावी सुधारों जैसी मांगें शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी ने नीट विवाद से जुड़े छात्रों के समर्थन में भी आवाज उठाई है।

महज पांच दिनों में इस अभियान को इंटरनेट मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिला। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स 60 लाख से अधिक बताए जा रहे हैं, जबकि एक्स पर भी बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे युवाओं की नाराजगी और डिजिटल दौर की नई अभिव्यक्ति के रूप में देख रहे हैं।

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