मुंबई, महाराष्ट्र
मुंबई के मशहूर कैफे मोंडेगर का लाइसेंस महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सस्पेंड कर दिया है। एफडीए की जांच में कैफे में खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के भंडारण से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
कैफे मोंडेगर मुंबई के चर्चित खान-पान स्थलों में शामिल है। यहां आने वाले ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। एफडीए की टीम ने निरीक्षण के दौरान इसी तरह के मानकों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की जांच की।
जांच के दौरान साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद विभाग ने कैफे का लाइसेंस निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन को लेकर की गई है।
तीन अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई
कैफे मोंडेगर के अलावा एफडीए ने मुंबई के तीन अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। कमिश्नर तुकाराम मुंडे की टीम ने घाटकोपर वेस्ट स्थित त्रिभुवन डेयरी फार्म, कांदिवली स्थित महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर और घाटकोपर ईस्ट स्थित महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई की।
इन प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके भंडारण के साथ परिसर की साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। एफडीए का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी
मुंबई में बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य खाद्य प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एफडीए की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद अब प्रतिष्ठान के सामने जांच में सामने आई कमियों को दूर करने की चुनौती है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था बनाए रखना प्रतिष्ठानों के लिए जरूरी है।
एफडीए की ओर से की गई इस कार्रवाई ने शहर के अन्य खाद्य कारोबारियों का भी ध्यान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की ओर खींचा है। आगे विभाग की जांच और संबंधित प्रतिष्ठानों की ओर से किए जाने वाले सुधार के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी।











