कीव, यूक्रेन
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रूस ने यूक्रेन के प्रमुख बंदरगाह शहर ओडेसा और डेन्यूब नदी के किनारे स्थित इजमाइल पर हवाई हमले किए हैं। हमलों के बाद बंदरगाह क्षेत्रों में आग लगने और कई ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है। इजमाइल यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बंदरगाह है और युद्ध के दौरान देश के समुद्री व्यापार तथा अनाज निर्यात के लिए इसकी भूमिका और बढ़ गई है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र के बंदरगाहों को कई बार रूसी हमलों का सामना करना पड़ा है।
रूस का कहना है कि उसके हमलों का निशाना यूक्रेनी सेना से जुड़ी सैन्य रसद और पश्चिमी देशों से आए हथियारों के भंडारण केंद्र थे। मॉस्को ने यह भी दावा किया है कि कुछ जहाजों और सैन्य सामग्री रखने वाले गोदामों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
रूस ने जमीनी मोर्चे पर भी यूक्रेन के दो ठिकानों पर कब्जे का दावा किया है। रूसी पक्ष के अनुसार इनमें एक ठिकाना जपोरीजिया और दूसरा डोनेस्क क्षेत्र में है। युद्ध के मोर्चे पर दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के ठिकानों और रसद केंद्रों को निशाना बना रहे हैं।
इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के गृह नगर क्रिवीरीह में स्थित आर्सेलर मित्तल स्टील प्लांट पर हुए मिसाइल हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। हमले में 13 लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी। घायल व्यक्ति की बाद में मौत के बाद मृतक संख्या बढ़ी।
भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल से जुड़ा यह संयंत्र यूक्रेन के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शामिल है। हमले के बाद उत्पादन और अन्य गतिविधियां कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं, हालांकि सामान्य संचालन बहाल करने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं।












