रिकांगपिओ, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में किन्नौर कैलाश यात्रा के दौरान शनिवार को अचानक मौसम खराब होने से 26 लोगों की जान पर बन आई। गणेश पार्क के समीप ऊंचाई वाले क्षेत्र में अचानक भारी बर्फबारी शुरू होने और तेज बर्फीली हवाएं चलने के कारण 16 श्रद्धालु तथा 10 पोर्टर और गाइड फंस गए।
मौसम इतना खराब हो गया कि दल के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस और होमगार्ड की क्विक रिस्पांस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 26 लोगों को सुरक्षित नीचे पहुंचाया।
राजस्थान और गुजरात के थे श्रद्धालु
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किन्नौर कैलाश यात्रा पर गए 16 श्रद्धालु राजस्थान और गुजरात से आए थे। वे स्थानीय गाइड और पोर्टरों की मदद से यात्रा कर रहे थे।
गणेश पार्क के आसपास पहुंचने के दौरान मौसम अचानक बदल गया। ऊंचाई वाले क्षेत्र में बर्फबारी शुरू होने के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ ही समय में रास्ते पर परिस्थितियां इतनी कठिन हो गईं कि यात्रियों का आगे बढ़ना संभव नहीं रहा।
दल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी।
क्यूआरटी ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने के बाद पुलिस और होमगार्ड की क्यूआरटी को सक्रिय किया गया। टीम ने खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाया। अधिकारियों और जवानों ने फंसे श्रद्धालुओं तथा गाइडों को सुरक्षित तरीके से नीचे पहुंचाया।
रेस्क्यू किए गए लोगों में 16 श्रद्धालु और 10 पोर्टर व गाइड शामिल हैं। सभी 26 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन ने पहले ही बंद कर दी थी यात्रा
इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जिला प्रशासन किन्नौर कैलाश यात्रा को 23 अगस्त को आधिकारिक रूप से बंद कर चुका है। इसके बावजूद कुछ स्थानीय गाइडों द्वारा कथित तौर पर श्रद्धालुओं को चोरी-छिपे यात्रा कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन की ओर से लोगों को ऐसी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। आधिकारिक रूप से यात्रा बंद होने के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
मौसम को लेकर सावधानी जरूरी
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। धूप के बीच अचानक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रियों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
किन्नौर की इस घटना में पुलिस और होमगार्ड की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी 26 लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बंद यात्रा मार्गों पर जाने से बचें और मौसम तथा प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करें।











