Home » राष्ट्रीय » लॉरेंस बिश्नोई पर लगी लगाम! साबरमती की हाई-सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट हुआ गैंगस्टर

लॉरेंस बिश्नोई पर लगी लगाम! साबरमती की हाई-सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट हुआ गैंगस्टर

अहमदाबाद, गुजरात। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल के उच्च सुरक्षा वाले ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया है। उसे जेल के ‘दो सौ खोली’ (ब्लॉक 200) में रखा गया है, जहां आतंकवाद और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल कैदियों को बंद किया जाता है। इस कदम को उसकी गतिविधियों पर नियंत्रण रखने और जेल के भीतर से आपराधिक नेटवर्क संचालित करने की आशंकाओं को कम करने की सुरक्षा योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में कड़ी निगरानी

साबरमती जेल का ब्लॉक 200 अत्यधिक सुरक्षा वाला क्षेत्र है। इसे चार हिस्सों में बांटा गया है और प्रत्येक हिस्से में 50 कैदियों को रखने की व्यवस्था है। इस ब्लॉक में कैदियों की आवाजाही सीमित रखी जाती है, ताकि वे एक-दूसरे से अनधिकृत संपर्क न कर सकें। लॉरेंस बिश्नोई की कोठरी का आकार लगभग 7.5 गुणा 11 फीट बताया गया है।

इस ब्लॉक में गंभीर अपराधों के दोषियों को रखा जाता है। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखना और जेल के भीतर किसी भी तरह के अवैध संपर्क को रोकना है।

दस खोली से ब्लॉक 200 में पहुंचा लॉरेंस

इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई को साबरमती जेल के ‘दस खोली’ नामक उच्च सुरक्षा वाले हिस्से में रखा गया था। इस स्थान पर केवल 10 कैदियों को रखने की व्यवस्था है। इससे पहले वह दिल्ली की तिहाड़ जेल और पंजाब की अलग-अलग जेलों में भी बंद रह चुका है।

जेल में रहते हुए उसके नाम से रंगदारी मांगने, कारोबारियों को धमकी देने और आपराधिक नेटवर्क संचालित करने से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। जांच के दौरान धमकी भरे ऑडियो और वीडियो संदेशों के साथ-साथ अन्य लोगों से कथित बातचीत भी चर्चा में रही है।

हालांकि, जांचकर्ताओं के अनुसार, पिछले दो वर्षों में उसकी ओर से सीधे फोन कॉल या बातचीत किए जाने के मामले सामने नहीं आए हैं। उच्च सुरक्षा वाले ब्लॉक में स्थानांतरण का उद्देश्य उसकी गतिविधियों पर और अधिक निगरानी रखना है।

जेल में सीमित संपर्क और सख्त दिनचर्या

लॉरेंस बिश्नोई की जेल में दिनचर्या को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह अपनी कोठरी में अधिकतर समय अकेले बिताता है। बताया जाता है कि वह सुबह ध्यान करता है, हनुमान चालीसा का पाठ करता है और शाकाहारी भोजन करता है।

जेल में बाहरी दुनिया से उसका संपर्क मुख्य रूप से अदालती कार्यवाही और कानूनी मामलों तक सीमित बताया गया है। वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की सुनवाई में शामिल होता है और अपने वकीलों के साथ कानूनी रणनीति पर चर्चा करता है।

जेल के बाहर भी सक्रिय बताया जाता है नेटवर्क

लॉरेंस बिश्नोई के जेल में बंद होने के बावजूद उसके कथित आपराधिक सिंडिकेट की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस नेटवर्क के कुछ सदस्य विदेशों में रहकर अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हैं।

बताया जाता है कि इस नेटवर्क में नए लोगों की भर्ती, आपराधिक गतिविधियों के लिए जिम्मेदारियां सौंपने और अन्य व्यवस्थाओं का समन्वय करने वाले लोग शामिल हैं। हालांकि, नेटवर्क के संचालन और उसके विभिन्न सदस्यों की भूमिका से संबंधित दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।

लॉरेंस बिश्नोई को उच्च सुरक्षा वाले ब्लॉक में स्थानांतरित किए जाने से जेल प्रशासन को उसकी गतिविधियों पर अधिक प्रभावी निगरानी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में किए गए इस बदलाव का उसके कथित आपराधिक नेटवर्क पर कितना प्रभाव पड़ता है।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2