नई दिल्ली, दिल्ली।
कैंसर के इलाज पर होने वाले खर्च को कम करने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। दवा मूल्य नियामक नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को अधिकतम 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। इस निर्णय से इन दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना जताई गई है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, नई व्यवस्था 9 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसका मकसद कैंसर के मरीजों को आवश्यक दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध कराने और इलाज के दौरान होने वाले खर्च का बोझ घटाने में मदद करना है।
क्या है सरकार का नया फैसला?
सरकार के इस निर्णय के तहत 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा तय की गई है। ट्रेड मार्जिन वह अंतर होता है, जो दवा की खरीद और बिक्री की कीमतों के बीच वितरण एवं खुदरा स्तर पर मुनाफे से संबंधित होता है।
NPPA ने शनिवार को इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत ट्रेड मार्जिन रैशनलाइजेशन तंत्र लागू किया गया है।
दवाओं की कीमतों में कितनी कमी आएगी?
मंत्रालय के बयान के अनुसार, मौजूदा मूल्य ढांचे के आधार पर संबंधित दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, यह अधिकतम संभावित कमी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी 137 दवाएं 70 प्रतिशत सस्ती हो जाएंगी।
प्रत्येक दवा की वास्तविक कीमत में बदलाव उसकी मौजूदा कीमत और मूल्य संरचना पर निर्भर करेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग दवाओं के दाम में कितनी कमी आती है।
कैंसर के इलाज में खर्च कम करने की कोशिश
कैंसर के मरीजों को कई बार लंबे समय तक दवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दवाओं की कीमतें परिवारों के कुल इलाज खर्च को प्रभावित करती हैं। ट्रेड मार्जिन पर सीमा लगाने से संबंधित दवाओं की बिक्री में मुनाफे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
फार्मास्यूटिकल्स विभाग के अंतर्गत काम करने वाली NPPA दवाओं की कीमतों से जुड़े नियामकीय मामलों को देखती है। इस बार उठाया गया कदम गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर केंद्रित है।
नई व्यवस्था 9 नवंबर से प्रभावी होने वाली है। इसके लागू होने के बाद मरीजों को संबंधित दवाओं की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रत्येक दवा की कीमत में कितना बदलाव होता है।











