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सीजेपी को फंडिंग पर सियासी घमासान, बीके हरिप्रसाद ने किया आर्थिक मदद का ऐलान; कुमारस्वामी ने उठाए सवाल

बेंगलुरु, कर्नाटक।

कर्नाटक में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य विरोध आंदोलनों को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के सदस्य सीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ होने वाले अन्य आंदोलनों को फंड देंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना है।

हरिप्रसाद का यह बयान केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की ओर से लगाए गए उन आरोपों के बाद आया, जिनमें उन्होंने कर्नाटक सरकार पर दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों को आर्थिक सहायता देने का आरोप लगाया था। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए फंडिंग को लेकर अलग-अलग पहलुओं पर बात रखी।

केंद्रीय मंत्री ने मांगा फंडिंग का हिसाब

एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों के लिए धन उपलब्ध कराने के स्रोत पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री ने सीजेपी और कांग्रेस को एक ही बताया है। कुमारस्वामी ने बेंगलुरु सहित अन्य स्थानों पर हो रहे प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए पूछा था कि इन गतिविधियों के लिए पैसा कहां से आ रहा है।

उनके बयान के बाद विरोध प्रदर्शनों की फंडिंग राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गई। इस विवाद में कांग्रेस की भूमिका और प्रदर्शनकारियों के खर्च को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

कर्नाटक के मंत्री ने बताया अलग मामला

कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की फंडिंग और कांग्रेस के बीच किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी अपने कार्यक्रमों का खर्च खुद उठा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन इन गतिविधियों से अलग है।

आर्थिक सहायता के बयान से बढ़ी चर्चा

बीके हरिप्रसाद ने सीजेपी और अन्य आंदोलनों को आर्थिक सहायता देने की बात संविधान और लोकतंत्र की रक्षा से जोड़ी है। दूसरी ओर, कुमारस्वामी ने फंडिंग के स्रोत पर सवाल उठाए हैं, जबकि सतीश जारकीहोली ने कांग्रेस और दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों के बीच आर्थिक संबंध होने से इनकार किया है।

इन बयानों से स्पष्ट है कि मामले को लेकर राजनीतिक पक्षों के बीच मतभेद हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष का बयान पार्टी सदस्यों की ओर से आर्थिक सहायता देने के बारे में है, जबकि कर्नाटक सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को फंड दिए जाने का आरोप अलग विषय है। दोनों बातों को एक समान मानने के बजाय संबंधित नेताओं के बयानों के संदर्भ में समझना जरूरी है।

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