Home » ताजा खबर » त्योहारी सीजन से पहले LPG पर राहत की खबर, सरकारी रिफाइनरियों ने बढ़ाया उत्पादन; रोजाना 44,000 टन पहुंचा स्तर

त्योहारी सीजन से पहले LPG पर राहत की खबर, सरकारी रिफाइनरियों ने बढ़ाया उत्पादन; रोजाना 44,000 टन पहुंचा स्तर

नई दिल्ली, दिल्ली

त्योहारी सीजन के बीच देश में एलपीजी की बढ़ती मांग और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के बीच राहत की खबर सामने आई है। भारत की सरकारी तेल रिफाइनरियों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देश में एलपीजी का उत्पादन अब करीब 44,000 टन प्रतिदिन पहुंच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण फारस की खाड़ी से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है और लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र से होने वाली आपूर्ति महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाने का कदम देश में खाना पकाने वाले ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

रोजाना 44,000 टन LPG का उत्पादन

मामले से परिचित लोगों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों ने हाल के दिनों में एलपीजी उत्पादन फिर से बढ़ाया है और यह स्तर करीब 44,000 टन प्रतिदिन हो गया है। यह अगस्त के औसत उत्पादन से लगभग पांचवां हिस्सा अधिक बताया जा रहा है।

इससे पहले वैकल्पिक स्रोतों से एलपीजी की आपूर्ति बढ़ने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने उत्पादन को युद्धकाल के ऊंचे स्तर से कुछ कम कर दिया था। अमेरिका और अफ्रीका से वैकल्पिक आपूर्ति आने लगी थी, जबकि अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी की ओर से ओमान के सोहर पोर्ट के माध्यम से भी आपूर्ति शुरू की गई थी।

हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और त्योहारी मौसम में बढ़ती घरेलू मांग को देखते हुए उत्पादन में दोबारा वृद्धि की गई है।

त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है LPG की मांग

भारत में त्योहारी मौसम शुरू हो चुका है और यह नवंबर में दिवाली तक जारी रहने वाला है। इस दौरान घरों में खाना पकाने और अन्य घरेलू गतिविधियों के कारण एलपीजी की खपत बढ़ सकती है। इसके बाद सर्दियों के मौसम में भी घरेलू ईंधन की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।

ऐसे में सरकारी तेल कंपनियों के सामने घरेलू उत्पादन और आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है। यदि मांग में तेजी जारी रहती है तो रिफाइनरियों को उत्पादन और बढ़ाना पड़ सकता है।

ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी बदले नियम

एलपीजी की उपलब्धता बेहतर होने के संकेतों के बीच ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर रिफिल से जुड़े इंतजार की अवधि में भी बदलाव किया गया है। पिछले महीने ग्रामीण परिवारों को बताया गया कि वे सिलेंडर रिफिल कराने के लिए 25 दिन के अंतराल के बाद बुकिंग कर सकते हैं।

यह अवधि मार्च में लागू किए गए आपातकालीन 45 दिनों के अंतराल से कम है। अधिकारियों ने इसके पीछे बेहतर आपूर्ति और कम बैकलॉग को प्रमुख वजह बताया था।

आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और देश की आपूर्ति व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय बाजार की महत्वपूर्ण भूमिका है। फारस की खाड़ी में किसी भी तरह का लंबा व्यवधान भारत के लिए चुनौती पैदा कर सकता है।

ऐसे में घरेलू रिफाइनरियों द्वारा उत्पादन बढ़ाना आपूर्ति को स्थिर रखने की रणनीति का अहम हिस्सा है। आने वाले दिनों में त्योहारी और सर्दियों की मांग को देखते हुए एलपीजी उत्पादन और आपूर्ति पर नजर बनी रहेगी।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2