नई दिल्ली, भारत। केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे कुछ विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट और वीजा से जुड़े नियमों में राहत देने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन में पाकिस्तानी नागरिकों, अल्पसंख्यक शरणार्थियों, श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बती समुदाय के लोगों को विशेष प्रावधानों के तहत छूट दी गई है। इसके अलावा भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए यात्रा और पहचान से संबंधित प्रक्रियाओं को भी आसान बनाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के लोगों को उनकी नागरिकता और स्थिति के आधार पर राहत देने का प्रावधान किया गया है। इससे संबंधित पात्र लोगों को दस्तावेज और यात्रा संबंधी प्रक्रियाओं में सुविधा मिल सकती है।
इन विदेशी नागरिकों को मिलेगी विशेष छूट
गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में कुछ पाकिस्तानी नागरिकों के साथ अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा भारत में रह रहे श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बती नागरिकों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
हालांकि, इन छूटों का लाभ सभी विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा। संबंधित श्रेणी में आने वाले लोगों को निर्धारित पात्रता और शर्तों का पालन करना होगा।
भारतीय सैन्य कर्मियों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव
नई गाइडलाइन में भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए भी राहत का प्रावधान है। ड्यूटी के सिलसिले में भारत आने या देश से बाहर जाने वाले थल सेना, नौसेना और वायु सेना के कर्मियों को पासपोर्ट और वीजा संबंधी आवश्यकताओं से छूट दी गई है।
यह छूट उन परिवार के सदस्यों पर भी लागू होगी, जो सरकारी परिवहन के माध्यम से संबंधित सैन्य कर्मियों के साथ यात्रा कर रहे हैं। इससे आधिकारिक ड्यूटी के दौरान सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों की यात्रा प्रक्रिया आसान हो सकती है।
भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी सरल होंगे नियम
सरकार ने भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए यात्रा और पहचान से जुड़े प्रावधानों को भी सरल बनाने की बात कही है। इन बदलावों का उद्देश्य संबंधित नागरिकों की आवाजाही और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाना है।
नई गाइडलाइन के बाद संबंधित श्रेणियों के लोगों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिल सकेगा। इसलिए किसी भी यात्रा या दस्तावेजी प्रक्रिया से पहले गृह मंत्रालय के आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जांच करना जरूरी होगा।












