नई दिल्ली, दिल्ली। भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि सीमा पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या अशांति का दोनों देशों के संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए भी सीमा पर शांतिपूर्ण माहौल को महत्वपूर्ण बताया।
जयशंकर ने मंगलवार शाम आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनमी फोरम में भारत-चीन संबंधों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति काफी हद तक सामान्य हुई है। इसके साथ ही दोनों देशों के संबंध भी धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उनके बयान से स्पष्ट है कि भारत द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है।
पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध से प्रभावित हुए थे संबंध
भारत और चीन के संबंधों में तनाव की एक बड़ी वजह पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक चला सैन्य गतिरोध रहा। इस स्थिति के कारण दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास प्रभावित हुआ था। सीमा पर तनाव कम करने और संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दोनों पक्षों ने पिछले कुछ महीनों में विश्वास बहाली के कई कदम उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 के आखिर में सीमा पर आमना-सामना समाप्त होने के बाद हालात में सुधार की दिशा में प्रगति हुई। हालांकि, दोनों देशों के बीच संबंधों को पूरी तरह सामान्य बनाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण बना हुआ है।
व्यापार और निवेश पर भी पड़ेगा असर
विदेश मंत्री ने सीमा पर शांति को केवल सुरक्षा के नजरिये से ही नहीं, बल्कि आर्थिक संबंधों के लिए भी अहम बताया। भारत और चीन के बीच व्यापार तथा निवेश के संबंधों का विस्तार शांतिपूर्ण और स्थिर वातावरण से जुड़ा हुआ है। सीमा पर तनाव की स्थिति दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को प्रभावित कर सकती है।
जयशंकर के मुताबिक, दोनों देशों के संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर किसी भी तरह की अशांति से बचना आवश्यक है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के साथ-साथ आर्थिक और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है।
भारत और चीन एशिया के प्रमुख देश हैं और उनके संबंधों का क्षेत्रीय स्थिरता पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में सीमा पर स्थिरता और आपसी विश्वास बहाली के प्रयास भारत-चीन संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।












