Home » मुंबई = MH » दिवाली-क्रिसमस पर भी सार्वजनिक जगहों पर नहीं फोड़ सकेंगे पटाखे, बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त फैसला

दिवाली-क्रिसमस पर भी सार्वजनिक जगहों पर नहीं फोड़ सकेंगे पटाखे, बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त फैसला

मुंबई, महाराष्ट्र। महाराष्ट्र में पटाखे फोड़ने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर सालभर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। यह प्रतिबंध दिवाली, क्रिसमस, नवरात्रि सहित सभी प्रमुख त्योहारों पर भी लागू रहेगा। अदालत के इस कदम का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना तथा सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते शोर पर अंकुश लगाना है।

त्योहारों के दौरान महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में पटाखों और जुलूसों के कारण शोर बढ़ने की समस्या सामने आती है। ऐसे में अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आदेश के तहत सड़क, गली और फुटपाथ जैसे सार्वजनिक स्थानों पर साल के किसी भी समय पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

सभी प्रमुख त्योहारों पर लागू होंगे निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध केवल दिवाली तक सीमित नहीं रहेगा। क्रिसमस, नवरात्रि और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान भी इन निर्देशों का पालन करना होगा। इस फैसले का उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाले अनियंत्रित शोर और पटाखों से निकलने वाले धुएं के प्रभाव को कम करना है।

पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित करता है। वहीं, तेज आवाज के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को परेशानी हो सकती है। सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने से राहगीरों की आवाजाही और आसपास के लोगों की सुविधा भी प्रभावित हो सकती है। अदालत के निर्देश इन समस्याओं पर नियंत्रण लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

प्रदूषण पर अदालत ने जताई गंभीर चिंता

इस मामले की सुनवाई जस्टिस गिरीश एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला के. गोकले की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। खंडपीठ ने कहा कि जब तक नागरिक हालात की गंभीरता को नहीं समझेंगे और शहरों में रहने के दीर्घकालिक खतरों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक परिस्थितियां और खराब हो सकती हैं।

अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा कि शहरों में प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि वे गैस चैंबर में बदल जाएं। इस टिप्पणी के माध्यम से अदालत ने नागरिकों को प्रदूषण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने पर सालभर रोक

हाईकोर्ट का आदेश पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर लागू होगा। इसका अर्थ है कि इन स्थानों पर त्योहारों के दौरान भी पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निजी परिसरों में पटाखे फोड़ने को लेकर अलग से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं बताया गया है।

अदालत के इस फैसले से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, त्योहारों के दौरान नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का पालन करना होगा। इस आदेश का प्रमुख उद्देश्य उत्सवों के बीच स्वच्छ हवा, कम शोर और आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देना है।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2