नई दिल्ली, दिल्ली
दिल्ली में लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस अपनी रणनीति में बदलाव करने जा रही है। अब जाम लगने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। इन हॉटस्पॉट्स पर निगरानी बढ़ाकर यातायात को सुचारु रखने की कोशिश की जाएगी।
सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने टोडापुर स्थित दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय पहुंचकर राजधानी की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों से ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली गई।
जाम वाले स्थानों की पहले होगी पहचान
नई रणनीति के तहत उन स्थानों की पहचान की जाएगी जहां नियमित रूप से जाम लगता है या किसी खास समय में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे हॉटस्पॉट्स पर पुलिस पहले से तैनात रहकर यातायात को नियंत्रित करेगी।
ट्रैफिक पैटर्न, वाहनों की संख्या और संवेदनशील मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य जाम बनने से पहले ही संभावित समस्या को नियंत्रित करना है।
एजेंसियों के बीच बढ़ेगा तालमेल
बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। सड़क निर्माण, अतिक्रमण, खराब सड़कें और पार्किंग जैसी समस्याएं यातायात को प्रभावित करती हैं।
ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने और सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर भी ध्यान
समीक्षा के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान, यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित आवागमन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान यातायात व्यवस्था की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बड़े आयोजन के दौरान वीआईपी और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन और रूट प्लानिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।











