नई दिल्ली, दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली के कार्यक्रम में संशोधन किया है। आयोग ने महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में पुनरीक्षण से जुड़ी समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध के बाद उठाया गया है।
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को इस संबंध में संबंधित राज्यों और दिल्ली को अलग-अलग पत्र भेजे। संशोधित कार्यक्रम के तहत दिल्ली में मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी गई है। इससे मतदाता सूची में दर्ज विवरणों को लेकर दावे या आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए अधिक समय मिलेगा।
आयोग ने दिल्ली में दावों और आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा में भी बदलाव किया है। पहले इनके निपटारे के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दिया गया है। वहीं, दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची की जांच और उसके विवरणों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दुरुस्त करने से जुड़ी प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की समीक्षा की जाती है और निर्धारित समय के भीतर दावे तथा आपत्तियां प्राप्त की जाती हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से समयसीमा बढ़ाने का फैसला इस प्रक्रिया के कार्यक्रम में संशोधन के रूप में सामने आया है।
दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में भी SIR कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने आयोग से समयसीमा में संशोधन का अनुरोध किया था। इसके बाद आयोग ने संबंधित राज्यों के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी करने की प्रक्रिया अपनाई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नगालैंड में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 25 नवंबर तक निर्धारित की गई है। तेलंगाना में यह अवधि 26 नवंबर तक होगी। अन्य संबंधित राज्यों की सभी संशोधित तारीखों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
निर्वाचन आयोग के इस निर्णय से संबंधित क्षेत्रों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम को संशोधित समय-सारिणी के अनुसार पूरा किया जाएगा। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने राज्य में लागू आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त करें और दावे या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित समयसीमा का ध्यान रखें।











